प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज भी कर चुकी है। अब प्रशासन ने 24 घंटे के लिए राज्य के 9 जिलों में इंटरनेट और जनसंचार सेवा ठप्प कर दी है।  

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन बिल को लेकर देश के पूर्वोत्तर राज्यों में विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। असम राज्य के कई जिलों में छात्र संगठनों ने बंद बुलाया है। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज भी कर चुकी है। अब प्रशासन ने 24 घंटे के लिए राज्य के 9 जिलों में इंटरनेट और जनसंचार सेवा ठप्प कर दी है।

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असम के 9 जिलों में आज शाम 7 बजे के बाद से 12 दिसंबर सुबह 7 बजे तक मोबाइल और इंटरनेट सेवा ठप्प कर दी गई है। असम के इन जिलों लखीमपुर, तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, सिवासागर, जोरहट, गोलाघाट, कामरूप (मेट्रो) और कामरूप जिला में मोबाइल और इंटरनेट बंद रहेगा। 

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लोकसभा में पास हुआ बिल

अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में यह बिल पेश किया था। दिन भर चली चर्चा के बाद देर रात यह बिल पास हो गया। इसके समर्थन में 311 वोट पड़े। विरोध में 80 संसद ने मत डाले। इससे पहले अमित शाह ने साफ कर दिया कि किसी भी धर्म को लेकर इस बिल को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। शाह ने कहा, बिल से भारतीय मुस्लिमों का कोई लेना देना नहीं है।

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क्या है नागरिकता संसोधन बिल ?

नागरिकता संसोधन बिल 2019 के मुताबिक, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक आए हिंदू, सिख, बुद्ध, जैन, पारसी और क्रिश्चियन के साथ अवैध घुसपैठियों जैसा व्यवहार नहीं होगा, बल्कि उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगी।