महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनौपचारिक मुलाकात से तमिलनाडु के सिरुमुगाई के लोग काफी खुश हैं। सिरुमुगाई सिल्क की साड़ियों के लिए जाना जाता है।

चेन्नई. महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनौपचारिक मुलाकात से तमिलनाडु के सिरुमुगाई के लोग काफी खुश हैं। सिरुमुगाई सिल्क की साड़ियों के लिए जाना जाता है। इस गांव की खुशी के पीछे का कारण बड़ा ही साफ है। दरअसल, पीएम मोदी ने जिनपिंग को जो साल भेंट की है, वह यहीं बुनी गई है। इस शॉल में जिनपिंग की तस्वीर भी थी।

डिजायनर एम धर्मराज और बुनकर ए शनमुगसुंदरम और मनोज कुमार ने इस शॉल को लगाातर 15 दिन काम कर तैयार किया है। हैंडलूम और टेक्सटाइल विभाग ने उनकी सोसाइटी को इसका ऑर्डर दिया था। 

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'यह सपना पूरा होने की तरह'
शनिवार को सिरुमुगाई के लोग पूरे दिन टीवी पर लाइव टेलिकास्ट देखते रहे। वे इंतजार कर रहे थे कि कब पीएम मोदी जिनपिंग को ये शॉल भेंट करें। धर्मराज ने कहा कि यह सपने का पूरा होने की तरह ही था कि हमने वर्ल्ड लीडर के लिए काम करके शॉल बनाई। 

उन्होंने बताया कि इसकी डिजाइन बनाने में करीब 24100 कार्ड पंच बनाए थे। शॉल की कीमत करीब 45-50 हजार है। इसी तरह से एख शॉल मोदी की तस्वीर के साथ भी बनाई गई। इसे मल्लापुरम में प्रदर्शनी के दौरान रखा गया था।