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विश्व पर्यावरण दिवस पर बोले मोदी- जीवों को बचाने का लीजिए संकल्प, हरी-भरी रहेगी धरती, अगली पीढ़ी के लिए बेहतर

पीएम मोदी ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक ट्वीट करते हुए कहा कि हम आने वाली पीढिय़ों के लिए बेहतर धरती बनाने का प्रयास करें। उन्होंने लोगों से अपील की है कि विश्व पर्यावरण दिवस पर समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण की प्रतिज्ञा लें।

Modi said on World Environment Day - Take a pledge to save lives, the earth will be greener, better for the next generation
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New Delhi, First Published Jun 5, 2020, 1:55 PM IST
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नई दिल्ली। पीएम मोदी ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक ट्वीट करते हुए कहा कि हम आने वाली पीढिय़ों के लिए बेहतर धरती बनाने का प्रयास करें। उन्होंने लोगों से अपील की है कि विश्व पर्यावरण दिवस पर समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण की प्रतिज्ञा लें। हम सामूहिक रूप से वनस्पति और वन्य जीवों का संरक्षण करें ताकि हमारी धरती हरी-भरी बनी रहे। बता दें कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस बार पर्यावरण दिवस का थीम पीएम मोदी ने जैव विविधता रखा है।
 

मन की बात में किया था जिक्र
इससे पहले मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में पर्यावरण दिवस का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि, इस साल की थीम जैव विविधता है जो आज के हालात में प्रासांगिक है। कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन से पर्यावरण में कुछ सुधर देखा गया है। इस लॉकडाउन ने हमें अपने आसपास प्रकृति की समृद्ध जैव विविधता को निरीक्षण करने का मौका दिया है। मोदी ने इस कार्यक्रम में बारिश के पानी के संरक्षण की भी बात कही। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी के सरंक्षण के परंपरागत तरीकों से आसानी से पानी को संरक्षित कर सकते हैं। वायु और ध्वनि प्रदूषण की वजह से पक्षियों की कई प्रजातियां लुप्त हो गईं थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण कई प्रजातियों को वापस से देखा गया है। उन्होंने गर्मी में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की भी अील की है।

भारत दुनिया का 8 प्रतिशत जैव विविधता का संरक्षण करने में सक्षम
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत दुनिया का 8 प्रतिशत जैव विविधता को संरक्षित करने में सक्षम है, जोकि एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भारत में जैव विविधता को हमेशा से ही महत्व दिया गया है। राजस्थान में पेड़ों को बचाने के लिए तीन सौ लोगों ने बलिदान दिया था। पेड़, पशु, पक्षी सभी प्रजातियां भारतीय जीवन का हिस्सा हैं।

1972 से हुई थी शुरुआत
विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत 5 जून 1972 से स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी। स्वीडन में पहली बार विश्व पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में 119 देशों ने भाग लिया था। भारत भी इस सम्मेलन में शामिल हुआ था। इस साल इस सम्मेलन की मेजबानी जर्मनी और कोलंबिया करने वाले थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण यह ऑनलाइन आयोजित किया गया।

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