राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने सोमवार को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा (Dalai lama) से मुलाकात की। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला (Dharamshala) स्थित मैक्डॉलगंज में भागवत ने दलाई लामा के घर पर जाकर करीब एक घंटे तक उनसे बातचीत की। 

धर्मशाला। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा (Dalai Lama) से मुलाकात की। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला (Dhar)स्थित मैक्डॉलगंज में भागवत ने दलाई लामा के घर पर जाकर करीब एक घंटे तक उनसे बातचीत की। इस बैठक के बाद, निर्वासित तिब्बती सरकार के अध्यक्ष पेनपा सेरिंग और उनके मंत्रिमंडल और निर्वासित तिब्बती संसद के अध्यक्ष, सोनम तेम्फेल ने भी आरएसएस प्रमुख से मुलाकात की। पत्रकारों से बात करते हुए सेरिंग ने कहा- इस महीने की 15 तारीख से दलाई लामा ने जनता के साथ मुलाकात शुरू कर दी है। मुझे यह अवसर सबसे पहले दिया गया । आज आरएसएस के मोहन भागवत जी सरसंघचालक यहां थे। यह स्वभाविक है कि जब कोई यहां है तो उसे दलाई लामा से मिलने आना चाहिए। उन्होंने कहा- यह हमारे लिए एक अवसर है कि हम भारत सरकार और भारत के लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दें। 

भारत के समर्थन के लिए दिया धन्यवाद
सेरिंग ने बताया कि मैं बैठक में नहीं था, लेकिन मुझे यकीन है कि उन्होंने प्रमुख मुद्दों पर मानवता के व्यापक हित के बारे में बात की होगी। इस बातचीत के बाद मैंने और मेरे मंत्रिमंडल और तिब्बती संसद के अध्यक्ष ने भागवत से एक शिष्टाचार भेंट की। हमने स्वतंत्र तिब्बत की स्थिति पर चर्चा की और उनके समर्थन के लिए भारत सरकार और वहां के लोगों का धन्यवाद दिया। बताया जाता है कि इस बैठक में तिब्बत मामले को लेकर चर्चा हुई। मोहन भागवत ने तिब्बत के प्रति चीन के रुख को लेकर बातचीत की। धर्मगुरु दलाईलामा ने अफगानिस्तान, सीरिया और ईराक में हो रहे मानवीय मूल्यों के हनन पर विचार साझा किए।

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पांच दिवसीय दौरे पर हैं भागवत
अपने पांच दिवसीय दौरे पर भागवत कांगड़ा और धर्मशाला में हैं। संघ प्रमुख ने रविवार को कांगड़ा में एक सेमिनार में भी भाग लिया, इसमें सीटीए अध्यक्ष और निर्वासित तिब्बती संसद के अध्यक्ष खेंपो सोनम तेम्फेल सहित 60 बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया गया था।