नई दिल्ली. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान की तारीफ़ की है। मंत्रालय ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों  को अधिप्राप्ति और भुगतान के आंकड़े जारी किए हैं। मंत्रालय ने खरीद में मासिक वृद्धि, एमएसएमई को भुगतान में मासिक वृद्धि और भुगतान के लंबित रहने के अनुपात में गिरावट को दर्शाते हुए एक लिस्ट भी दिखाई है। 

एमएसएमई मंत्रालय ने कहा है कि लंबित भुगतान केवल खरीद की तुलना में 1/5वां हिस्‍सा है और यह भुगतान ज्यादातर 45 दिनों के भीतर कर दिया जाता हैं। इस प्रकार, यह सामान्य व्यवसाय का ही हिस्सा है। एमएसएमई मंत्रालय का कहना है कि पिछले छह महीनों के अनुभव के साथ, यह कहा जा सकता है कि सीपीएसई, एमएसई से खरीद में बहुत सक्रिय हैं। उन्होंने मई, 2020 के बाद समाधान पोर्टल पर विकसित किए गए नए रिपोर्टिंग प्रारूप पर विवरण की रिपोर्टिंग में एमएसएमई मंत्रालय के साथ सहयोग किया है। पिछले छह महीनों में एमएसई के साथ सीपीएसई के कारोबार में वृद्धि भी सीपीएसई द्वारा बड़ा पूंजीगत खर्च दिखाती है। 

आत्मनिर्भर भारत ने किया MSME की भावना को जीवंत 
एमएसएमई मंत्रालय का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी के आत्‍मनिर्भर भारत के आह्वान ने एमएसएमई की भावना को फिर से जीवंत किया और कोविड महामारी के बावजूद सामान की आपूर्ति और सेवाओं को फिर से शुरू कर उनका आत्मविश्वास मजबूत किया है। मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान ने लोगों और कॉर्पोरेट उपयोगकर्ताओं को एमएसएमई से खरीद करने के लिए प्रेरि‍त किया है। आत्‍मनिर्भर भारत पैकेज के तहत एमएसएमई को 45 दिनों के भीतर भुगतान करने की वित्तमंत्री की घोषणा  ने इन सेवाओं को खरीदने और इस्‍तेमाल करने वाले सरकारी और कॉरपोरेट लोगों को इस भुगतान के लिए प्रेरि‍त किया है। एमएसएमई मंत्रालय ने इस चुनौतीपूर्ण समय में एमएसएमई क्षेत्र की मदद करने में सरकार के साथ सहयोग के लिए मंत्रालयों, सीपीएसई और इंडिया इंक को भी धन्यवाद दिया है।