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CCTV: इससे पहले की मर्डर में MLA के देवर को सुना पाते सजा; चोरी के ऑटो से बीच सड़क पर उड़ा दिया

बिहार के धनबाद में बुधवार सुबह मार्निंग वॉक पर निकले जिला जज उत्तम आनंद की सड़क हादसे में हुई मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। इस घटना का एक CCTV सामने आया है, जिसमें ऑटो रिक्शा जानबूझकर उन्हें टक्कर मारते दिख रहा है।

Mystery about the accident of District Judge Uttam Anand in Dhanbad, Bihar kpa
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Dhanbad, First Published Jul 29, 2021, 7:44 AM IST
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धनबाद. हत्या के एक बहुचर्चित मामले में सुनवाई कर रहे जिला जज उत्तम आनंद की सड़क हादसे में मौत को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। जज बुधवार सुबह मार्निंग वॉक पर निकले थे, तभी पीछे से एक ऑटो रिक्शा ने आकर उन्हें टक्कर मार दी थी। इस घटना का एक CCTV सामने आया है, जिसमें ऑटो रिक्शा सड़क किनारे जा रहे जज को मानों जानबूझकर टक्कर मारने आया हो। टक्कर मारने के बाद ऑटो रिक्शा वहां से निकल गया। इसी बीच झारखंड पुलिस की जांच में सामने आया है कि चोरी हुए ऑटो से जज को टक्कर मारी गई थी। 

दाे संदिग्ध गिरफ्तार
आईजी(ऑपरेशन) अमोल विनुकांत होमकर ने बताया कि जांच और सीसीटीवी फुटेज के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अपराध में शामिल 2 लोगों और ऑटो की पहचान की गई। पुलिस ने लखन कुमार वर्मा और राहुल वर्मा को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से ऑटो जब्त कर लिया गया है। उन्होंने अपराध कबूल कर लिया है। इस मामले की जांच के लिए  विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। 

हत्या की आशंका को लेकर पुलिस कर रही जांच
52 वर्षीय उत्तम आनंद की सड़क हादसे में मौत हुई या उनकी हत्या, पुलिस दोनों एंगल से जांच कर रही है। उत्तम आनंद बहुचर्चित रंजय सिंह मर्डर की सुनवाई कर रहे थे। इसलिए उनकी मौत का हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है।

छह महीने पहले ही धनबाद आए थे
उत्तम आनंद छह महीने पहले ही धनबाद ट्रांसफर होकर आए थे। हादसे के बाद वे सड़क किनारे पड़े थे। कुछ लोगों ने उन्हें हास्पिटल पहुंचाया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। धनबाद से पहले उत्तम आनंद बोकारो में पोस्टेड थे।

झरिया विधायक के देवर हैं आरोपी
रंजय सिंह हत्याकांड में झरिया विधायक पूर्णिमा सिंह के देवर हर्ष सिंह भी आरोपी हैं। पिछले दिनों जज ने इसी मामले में रवि ठाकुर और अभिनव सिंह की जमानत रद्द कर दी थी। दोनों इस समय होटवार जेल में बंद हैं।

माफिया पर शक
झारखंड बार काउंसिल के सदस्य हेमंत सिकरवार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई है। इसे माफिया से जोड़कर देखा जा रहा है।

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