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नारायण मूर्ति के दामाद ने ब्रिटेन के चुनाव में रचा इतिहास, 15 भारतीय सांसदों में मिली दोबारा जीत

650-सदस्यीय हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुने गए नए पंद्रह 65 गैर-गोरों में से शामिल हैं। ब्रिटिश के राजनीतिक इतिहास में नया मुकाम हासिल किया है। इसमें 15 भारतीयों ने जीत हासिल की है। इन सब के बीच एक इनफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ने भी इस चुनाव में दोबारा में जीत हासिल की है। 
 

Narayan Murthy's son-in-law create a record in UK polls kps
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London, First Published Dec 14, 2019, 12:21 PM IST
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लंदन. ब्रिटेन के आम चुनाव में भारतीय मूल के पंद्रह सांसदों को जीत मिली है। जो शुक्रवार को 650-सदस्यीय हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुने गए नए पंद्रह 65 गैर-गोरों में से शामिल हैं। ब्रिटिश के राजनीतिक इतिहास में नया मुकाम हासिल किया है। जो हाउस ऑफ कॉमन्स की ताकत में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी निभा रहे हैं। जबकि पहले गैर-श्वेत पृष्ठभूमि के 52 सांसद थे, जो दशकों से प्रगतिशील विकास को दर्शाते थे। ब्रिटिश संसद में अपनी जनसंख्या का अधिक प्रतिनिधि बनाने के लिए विभिन्न दलों और प्रयासों पर आधारित थे।

इस बार अधिक चुनी गई महिलाएं 

भारतीय समुदाय के 15 सांसदों का चुना जाना 1.5 मिलियन की संख्या वाले मजबूत समुदाय के लिए एक नया रिकॉर्ड है। जिनमें लेबर के आठ और कंज़र्वेटिव पार्टी के सात सांसदों को चुना गया है। जबकि आखिरी सदन में ऐसे 12 सांसद थे। इसके साथ ही, पहली बार ऐसा हुआ है कि पुरुषों की तुलना में जातीय अल्पसंख्यक महिलाओं को अधिक चुना गया है। वहीं, 2009 में केवल दो जातीय अल्पसंख्यक महिला सांसद थीं। थिंकटैंक ब्रिटिश फ्यूचर द्वारा नए सांसदों की जातीयता के विश्लेषण के अनुसार दस साल में 37 महिला सांसद चुनी गई हैं।

भारतीय मूल के इन लोगों को मिली जीत 

लेबर के भारतीय मूल के उम्मीदवार पार्टी के खराब प्रदर्शन से बच गए, जबकि कंजरवेटिव पार्टी ने अपने सांसदों की संख्या को समुदाय से पांच से बढ़ाकर सात कर दिया। भारतीय मूल के सांसदों के दल में चार नए चेहरे हैं। कंजरवेटिव समूह में जिन नए चेहरों को शामिल किया गया है उनमें गगन मोहिंद्रा (हर्टफोर्डशायर साउथ वेस्ट) और क्लेयर कॉटिन्हो (सरे ईस्ट) से हैं। जबकि इसके पांच मौजूदा सांसद फिर से चुने गए जिनमें  प्रीति पटेल (विथम), आलोक शर्मा (रीडिंग वेस्ट), शैलेश वारा (कैम्ब्रिज शायर उत्तर पश्चिम), सुएला ब्रवरमैन (फेरेहम) और ऋषि सनक (रिचमंड, यॉर्कशायर) शामिल हैं। इसमें सनक इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं।

सनक को फिर दी जा सकती है जिम्मेदारी

इनमें से पटेल (गृह सचिव), शर्मा (अंतरराष्ट्रीय विकास सचिव) और सनक (मुख्य सचिव, ट्रेजरी) निवर्तमान बोरिस जॉनसन सरकार में हिस्सा थे, उनके फिर से नियुक्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है। जबकि लेबर पार्टी से नवेंदु मिश्रा (स्टॉकपोर्ट) और नादिया व्हिटोम (नॉटिंघम पूर्व) नए चेहरे हैं, जबकि इसके छह निवर्तमान सांसदों ने ज्यादा अंतर से जीत हासिल की हैं। जिसमें ईलिंग साउथॉल से  वीरेंद्र शर्मा, तनमनजीत सिंह धेसी स्लो से, सीमा मल्होत्रा ​फेल्टहैम और हेस्टन से चुनी गईं हैं। जबकि प्रीत कौर गिल (बर्मिंघम एजबेस्टन), लिसा नंदी (विगन) और वैलेरी वाज़ (वाल्सल साउथ) से जीत हासिल की है। 

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