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हरियाणा में खट्टर सरकार पर 100 करोड़ रु. का जुर्माना, सॉलिड वेस्ट के खराब मैनेजमेंट पर NGT का एक्शन

हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि 100 करोड़ रुपये को रिंग फेंस्ड अकाउंट में जमा एक महीना के अंदर किया जाए। साथ ही बेंच ने एक नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया। साथ ही 15 जनवरी 2023 तक एक अनुपालन रिपोर्ट ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करने का भी आदेश दिया है।
 

National Green Tribunal directed Haryana government to pay Rs 100 crore compensation for improper management of solid waste, DVG
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First Published Sep 27, 2022, 11:16 PM IST

NGT action against Haryana Government: एनजीटी (NGT) ने हरियाणा सरकार पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। राज्य सरकार पर नगर पालिका के सॉलिड वेस्ट का सही मैनेजमेंट नहीं करने का आरोप है। आरोप सिद्ध होने के बाद एनजीटी ने राज्य सरकार पर एनवायरनमेंटल मुआवजा का भुगतान करने का आदेश दिया है। एनजीटी ने 31 दिसंबर 2022 तक आदेश के अनुपालन का आदेश दिया है। साथ ही 15 जनवरी 2023 तक एक अनुपालन रिपोर्ट ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करने का भी आदेश दिया है।

एनजीटी (National Green Tribunal) अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि ग्रुरुग्राम में बांधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पुराने कचरे को साफ करने में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। लेकिन एन्वायरनमेंटल इमरजेंसी होने के बाद भी जिम्मेदारों ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया है। इस बेंच में जस्टिस सुधीर अग्रवाल, स्पेशलिस्ट मेंबर ए.सेंथिल वेल और अफरोज अहमद शामिल थे।
ट्रिब्यूनल ने पाया कि ठोस कचरा के निस्तारण पर ध्यान नहीं देकर पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ साथ आम जनजीवन का स्वास्थ्य प्रभावित होने की आशंका है। ठोस कचरा निस्तारण के लिए उच्च प्राथमिकता और इच्छाशक्ति की जरूरत है। यह किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सिस्टम अनदेखी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकारों को पर्याप्त ध्यान देने की जरूरत है। एनजीटी ने कहा कि राज्य के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत की गई प्रगति रिपोर्ट से पता चलता है कि ठोस कचरे का एक बड़ा हिस्सा अभी भी बिना उपचार के ही अनिस्तारित पड़ा हुआ है।

क्या पाया कोर्ट ने?

बेंच ने कहा कि 33 लाख मीट्रिक टन (एमटी) कचरा लैंडफिल साइट पर पड़ा था। उपचार क्षमता केवल 5,100 मीट्रिक टन प्रति दिन (टीपीडी) किया गया। एनजीटी ने कहा कि इससे पता चलता है कि कचरे के निपटान में विफलता की वजह से गंभीर एनवायरनमेंटल क्षति जारी है। लेकिन इसके बावजूद भी संबंधित अधिकारियों ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई न ही इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई के लिए कोई ठोस काम किया।

किया जुर्माना 

एनजीटी ने कहा कि गैर उपचारित कचरे की मात्रा से हो रहे पर्यावरणीय नुकसान को देखते हुए हरियाणा सरकार को 100 करोड़ रुपये जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया जाता है। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि 100 करोड़ रुपये को रिंग फेंस्ड अकाउंट में जमा एक महीना के अंदर किया जाए। साथ ही बेंच ने एक नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया। इसके अलावा बंधवारी स्थल के पास दस एकड़ जमीन सुरक्षित किया जाएगा जहां स्थानीय निकायों के कचरे को रखने औश्र उनके प्रोसेसिंग की सुविधा की स्थापना की जाएगी। एनजीटी ने 31 दिसंबर 2022 तक आदेश के अनुपालन का आदेश दिया है। साथ ही 15 जनवरी 2023 तक एक अनुपालन रिपोर्ट ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करने का भी आदेश दिया है।

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