पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। विधानसभा चुनाव के पहले दोनों नेताओं के बीच तल्खी से पार्टी को नुकसान हो रहा था। शीर्ष नेतृत्व ने बीते दिनों दोनों नेताओं को बुलाया भी था और उनकी समस्याएं भी सुनी लेकिन तत्काल कोई हल नहीं निकल सका।

नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में हाई पोलिटिकल ड्रामा खत्म हो चुका है। बागी तेवर दिखा रहे नवजोत सिंह सिद्धू को राज्य कांग्रेस की कमान सौंपी जा रही है। हालांकि, उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही चार कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए जाएंगे। 

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दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। विधानसभा चुनाव के पहले दोनों नेताओं के बीच तल्खी से पार्टी को नुकसान हो रहा था। शीर्ष नेतृत्व ने बीते दिनों दोनों नेताओं को बुलाया भी था और उनकी समस्याएं भी सुनी लेकिन तत्काल कोई हल नहीं निकल सका।

शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव व पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। सोनिया से मुलाकात के बाद रावत शनिवार को पंजाब पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने कैप्टन अमरिंदर से मुलाकात की और केंद्रीय नेतृत्व की मंशा जाहिर कर दी। 

हरीश रावत ने यह भी साफ किया कि पंजाब में मुख्यमंत्री का चेहरा कैप्टन अमरिंदर सिंह ही होंगे। इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं होने जा रहा है।