राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के सांसद और भाजपा के सहयोगी हनुमान बेनीवाल ने किसानों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में तीन संसदीय समितियों से इस्तीफा दे दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखकर हनुमान बेनीवाल ने कहा कि समितियों के दौरान उनके द्वारा उठाए गए कई मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण वह निराश थे।

नई दिल्ली. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के सांसद और भाजपा के सहयोगी हनुमान बेनीवाल ने किसानों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में तीन संसदीय समितियों से इस्तीफा दे दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखकर हनुमान बेनीवाल ने कहा कि समितियों के दौरान उनके द्वारा उठाए गए कई मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण वह निराश थे। 

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उन्होंने पत्र में लिखा, लोकसभा समितियों की सिफारिशों और हस्तक्षेप के बावजूद अगर कोई कार्रवाई नहीं की तो एक लोकतांत्रिक प्रणाली में ऐसी संरचनाओं का महत्व सभी औचित्य खो देता है। उन्होंने आगे कहा, चूंकि मुद्दे अनसुने रहे और किसानों के आंदोलन के कारण मैं समितियों से अपना इस्तीफा दे रहा हूं।

राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने मांग की कि कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और केंद्र से किसानों पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने को कहा जाए। बेनीवाल ने कहा, ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार किसानों के विरोध को खत्म करने के मूड में है। इसलिए हमारी पार्टी ने 26 दिसंबर को राजस्थान से दिल्ली की ओर 2 लाख किसानों और युवाओं का एक जुलूस निकालने का फैसला किया है।