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राममंदिर जमीन विवाद : अखिलेश का करीबी रहा है सुल्तान, AAP नेता संजय सिंह ने लगाया हमले का आरोप

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की जमीन खरीदी मामले में भ्रष्टाचार की शिकायतों बीच कई राजनीति खुलासे हो रहे हैं। एक मीडिया हाउस ने खुलासा किया है कि जिस जमीन को लेकर यह राजनीति हो रही है, उसे 2011 में 2 करोड़ रुपए में खरीदने वाले सुल्तान अंसारी सपा नेता हैं। वो सपा प्रमुख अखिलेश यादव का करीबी रहा है। इधर, आप सांसद संजय सिंह ने घर पर हमले का आरोप लगाया है।

New political disclosure in the dispute over the land of Ram Mandir Trust kpa
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New Delhi, First Published Jun 15, 2021, 1:05 PM IST
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नई दिल्ली. अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की जमीन को लेकर उठे भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच समाजवादी पार्टी की राजनीतिक भूमिका सामने आ रही है। इस संबंध में दैनिक भास्कर का दावा है कि 2011 में 2 करोड़ रुपए में यह जमीन खरीदने वाले सुल्तान अंसारी सपा नेता हैं। वे सपा प्रमुख अखिलेश यादव के करीबी रहे हैं। सुल्तान ने ही यह जमीन 18.5 करोड़ रुपए में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बेची है। सुल्तान का अखिलेश के अलावा ट्रस्ट पर आरोप लगाने वाले पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय से भी अच्छा रिलेशन है। सुल्तान के पिता ने यह जमीन 2011 में बबलू पाठक से खरीदी थी। ये दोनों प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट ने सुल्तान अंसारी से 100 बिस्वा और बबलू पाठक से 80 बिस्वा जमीन खरीदी है।

AAP सांसद संजय सिंह ने घर पर हमले का आरोप लगाया
मंदिर ट्रस्ट विवाद को हवा देने वाले AAP सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को ट्वीट करके उनके घर पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हमलावर उनके खिलाफ और रामजन्म भूमि ट्रस्ट के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। संजय सिंह के घर के बाहर नेमप्लेट पर कालिख भी पोती गई। संजय सिंह राष्ट्रपति भवन से कुछ दूर वीआईपी इलाके में रहते हैं।

SanjayAzadSln pic.twitter.com/HkLZUNGktU

 

अखिलेश ने मांगा ट्रस्ट से इस्तीफा
सपा प्रमुख ने आजतक को दिए इंटरव्यू में ट्रस्ट से इस्तीफे मांग की है। अखिलेश ने कहा कि अगर मर्यादा पुरुषोत्तम राम को लेकर कोई काम हो रहा है और ऐसा आरोप लगे तो ट्रस्ट के सदस्यों को इस्तीफा देना चाहिए।

चंपत राय ने दी सफाई
इस मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सफाई देते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आरोप लगाने से पहले ट्रस्ट के पदाधिकारियों से इस बारे में नहीं पूछा गया। उन्होंने कहा है कि सभी लेनदेन बैंक टू बैंक हुए हैं। इसमें कोई टैक्स चोरी नहीं की गई है। उन्होंने समाज को भ्रमित किया है। भ्रमित न हों और मंदिर समय सीमा में पूरा करने में सहयोग करें। जितना क्षेत्रफल है उसकी तुलना में इस भूमि का मूल्य 1423 रुपये प्रति वर्ग फीट है जो बाजार मूल्य से बहुत कम है। मालिकाना हक का निर्णय करना बहुत जरूरी था जो कराया गया। हमने जमीन का एग्रीमेंट करा लिया। अभी बैनामा कराया जाना बाकी है।

केंद्रीय मंत्री ने राहुल को मंदिर निर्माण में रोड़ा बताया
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि राहुल गांधी, उनका परिवार और विपक्ष हमेशा राममंदिर के बनने में रोड़ा बनते रहे हैं। राम मंदिर के लिए अगर कोई पड़ोस की जमीन 10 गुने दाम पर भी दे, तो मैं नहीं मानता कि कोई ट्रस्ट या समाज उसे छोड़ेगा।

योगी ने लिया संज्ञान
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने इस मामले की पूरी रिपोर्ट तलब की है।

सपा का आरोप-2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ मे खरीदी
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन ने आरोप लगाया है कि 2 करोड़ रुपए में बैनामा कराई गई जमीन को 10 मिनट के अंदर 18.50 करोड़ रुपए में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया गया। सपा नेता ने इसके दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए मामले की जांच CBI से कराने को कहा है। इस मामले में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भी भाजपा पर हमलावर हो गई है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा-भगवान राम का मंदिर बनाने के लिए चंदा देने वाले लोगों को साथ विश्वासघात किया जा रहा है।  रामजन्मभूमि ने 18.5 करोड़ रुपये की जो जमीन खरीदी वो उससे 5 मिनट पहले केवल 2 करोड़ रुपये में खरीदी गई। इस विवाद में भाजपा छोड़कर TMC में जा चुके यशवंत सिन्हा ने बयान दिया है कि इन्होंने राम को भी नहीं छोड़ा। मोदी हैं, तो मुमकिन है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरेजवाला ने कहा कि राम के नाम पर घोटाला हुआ है, प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं?


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