मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने कोविड महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में पहले से ही कठोर प्रतिबंधों के साथ धारा 144 लागू कर रखा है। बुधवार को और कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए। एक दिन पहले महाराष्ट्र के अधिकतर मंत्रियों ने लाॅकडाउन की मांग करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस पर निर्णय लेने को कहा था। 

 

राज्य सरकार की ओर से जारी नए आदेश

  • राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों में 15 प्रतिशत कर्मचारी ही काम करने आएंगे। कोरोना महामारी से बचाव वाले इमरजेंसी सेवा वाले सरकारी दफ्तरों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। 
  • यदि किसी सरकारी आफिस में अधिक संख्याबल की आवश्यकता है तो मंत्रालय, सचिवालय या राज्यस्तरीय कार्यालय का हेड, महाराष्ट्र स्टेट डिसास्टर मैनेजमेंट के सीईओ से अनुमति ले सकता है। जबकि जनपद स्तरीय सरकारी आफिस का प्रमुख यहां जिला आपदा प्रबंधन के जिला प्रमुख से यह अनुमति लेगा।
  • अन्य किसी भी आफिसों के लिए 15 प्रतिशत कर्मचारी या अधिकतम पांच कर्मचारियों को ही दफ्तर बुलाया जा सकेगा।
  • शादी समारोहों में अधिकतम 25 लोग की उपस्थिति होगी। अधिकतम दो घंटे में सारे रस्म-रिवाज पूरे किए जाएं। इसका पालन नहीं करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना और जिस मैरेज हाॅल में समारोह आयोजित है उसे सील कर दिया जाएगा। 
  • शहर के अंदर प्राइवेट गाड़ियों के लिए चालक के अलावा सीटिंग कैपिसिटी का पचास प्रतिशत ही बैठाया जा सकेगा। शहर के बाद या दूसरे जनपद या स्टेट में केवल मेडिकल इमरजेंसी या किसी अन्य इमरजेंसी में ही जाया जा सकेगा। 
  • प्राइवेट बसों को भी केवल पचास फीसदी सीटों को भरकर चलने की अनुमति होगी। कोई पैसेंजर खड़ा हुआ नहीं होना चाहिए। 
  • एक शहर से दूसरे शहर या दूसरे जिले में जाने के लिए प्राइवेट बसों को अनुमति लेनी होगी। डीएमए इसके लिए स्टाॅपेज तय करेगा और हर स्टाॅपेज या दूसरे शहर या जिले में उतरने वाले व्यक्ति को 14 दिनों तक क्वारंटीन होना होगा। आॅपरेटर उन सभी पैसेंजर के हाथों पर 14 दिन के क्वारंटीन की स्टैंपिंग करेगा।  

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