कोरोना महामारी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम आदमी को राहत देने की कोशिश की। इसके लिए तीन बड़ी घोषणाएं की गईं। पहला टीडीएस में 25% की कटौती, ईपीएफ में 12% की जगह 10% का कॉन्ट्रिब्यूबश और तीसरा इनकम टैक्स रिटर्न की तारीख को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है। 

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम आदमी को राहत देने की कोशिश की। इसके लिए तीन बड़ी घोषणाएं की गईं। पहला टीडीएस में 25% की कटौती, ईपीएफ में 12% की जगह 10% का कॉन्ट्रिब्यूबश और तीसरा इनकम टैक्स रिटर्न की तारीख को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है। इसमें दो घोषणाएं यानी टीडीएस और ईपीएफ से आम आदमी को कैसे और किस तरह से कितने रुपए की राहत मिलेगी? इसे समझने के लिए Asianet News ने चार्टर्ड अकाउंटेंट कार्तिक गुप्ता से बात की। उनसे हुई बातचीत को सवाल-जवाब में समझने की कोशिश करते हैं।

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सवाल- ईपीएफ को लेकर सरकार ने क्यों घोषणा की है?
जवाब- इससे प्राइवेट नौकरी करने वालों को फायदा होगा। सरकार ने कहा है कि अगले तीन महीने तक इम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड में इम्प्लॉयर और इम्प्लॉई के कॉन्ट्रिब्यूशन को 12% की जगह 10% रखा जाएगा। यह फायदा 6.5 लाख संस्थानों के 4.3 करोड़ इम्प्लॉईज को मिलेगा। 


सवाल- जैसे मेरा वेतन 20 हजार रुपए है, तो मुझे कितने रुपए का फायदा होगा?
जवाब- अगर आपकी सैलरी 20 हजार रुपए है, तो जो इम्प्लाई और इम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन 12-12 प्रतिशत होता है, यानी आपकी सैलरी से 2400 कटता है और कंपनी की तरफ से आपके पीएफ अकाउंट में 2400 रुपए जमा किए जाते हैं। ऐसे में आपके हाथ में पीएफ कटकर सैलरी 17,600 रुपए थी। अब तीन महीने तक इम्प्लॉई के 12% की जगह 10% ही पीएफ कटेगा। लेकिन इस फैसले के बाद अब आपकी सैलरी से 2000 रुपए ही कटेगा और आपको 17,600 की जगह 18,000 रुपए सैलरी मिलेगी।


सवाल- इससे मेरा फायदा हुआ या घाटा?
जवाब- इसमें फायदा और घाटे की बात नहीं है। जो पैसा (12%) आपकी सैलरी से कटकर पीएफ के जरिए आपके अकाउंट में जमा होता है, अब उसी पैसे का 2% पीएफ में जमा न होकर आपको मिल जाएगा। यानी आपका जो पैसा पीएफ में जमा होता, वो अब आपको पहले ही मिल जाएगा। 


सवाल- क्या यह फायदा सभी प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों को मिलेगा?
जवाब- नहीं, इसका फायदा केंद्र और राज्य सरकार के किसी भी इम्प्लॉई को नहीं मिलेगा। इसके अलावा प्राइवेट में काम करने वाले उन लोगों को नहीं मिलेगा, जो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। 15,000 से कम वेतन पाने वाले लोगों को भी इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा।


सवाल- 15 हजार से कम सैलरी पाने वालों के लिए सरकार ने क्या घोषणा की है?
जवाब- प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले वे लोग जिनका वेतन 15 हजार से कम है। उन्हें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत तीन महीने तक सरकार ने कर्मचारी और कंपनी की ओर से ईपीएफ जमा करने का फैसला किया गया है। हालांकि यह ऐलान पहले ही कर दिया गया था, लेकिन अब इसे 3 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। 


सवाल- टीडीएस में 25% की कटौती का क्या मतलब है?
जवाब- पहली बात तो अगर आपको सैलरी मिलती है तो आपको इससे कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। जिन्हें सैलरी नहीं मिलती उनके लिए है। जैसे कि जब आप किसी कॉन्ट्रैक्ट के लिए पेमेंट, प्रोफेशनल फीस, इंटरेस्ट, किराया, डिविडेंड, कमिशन और ब्रोकरेज देते हैं तो इस पर कम टीडीएस देना होगा। उदाहरण- मान लीजिए कि एक सीए ने 5 लाख रुपए का कोई काम किया, जिसमें मेरा 10% टीडीएस (TDS) मिला। यानी मेरे हाथ में 50 हजार रुपए कटकर 4,50,000 रुपए ही आए। वह पैसा सरकार को चला जाता है और मुझे एक टीडीएस सर्टिफिकेट मिल जाता है कि मैंने इतनी रुपए का टीडीएस भरा है, जिसका मुझे टैक्स भरने के वक्त फायदा मिलता है। लेकिन अब क्या होगा, जो 10% टीडीएस कटता था उसकी जगह 7.50% ही टीडीएस कटेगा, यानी अब 50,000 की जगह 37,500 रुपए टीडीएस कटेगा और मुझे 4,50,000 की जगह 4,62,500 रुपए मुझे मिलेंगे। यानी मुझे 12,500 रुपए का फायदा हुआ। 


सवाल- टीडीएस का फायदा कौन-कौन लोग ले सकेंगे?
जवाब- इस कटैगरी में प्रोफेशनल्स में वकील, इंजीनियर्स, आर्किटेक्ट, कॉन्ट्रेक्टर की कई कैटेगरी, सीए, प्रॉपर्टी डीलर्स लोग आएंगे।