नॉर्थ ईस्ट में दिवाली और दशहरे जैसे त्याहोरों पर स्टाफ को छुट्टी ना दिए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री से संज्ञान लेने के लिए कहा है। विहिप ने कहा कि यह गंभीर मामला है, हर किसी को दिवाली मनाने का अधिकार है। 

नई दिल्ली. नॉर्थ ईस्ट में दिवाली और दशहरे जैसे त्याहोरों पर स्टाफ को छुट्टी ना दिए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री से संज्ञान लेने के लिए कहा है। विहिप ने कहा कि यह गंभीर मामला है, हर किसी को दिवाली मनाने का अधिकार है। 

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दरअसल, शिलांग संभाग के एक नवोदय विभाग से शिक्षकों ने दिवाली की छुट्टी दिए जाने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि वे देश के अलग अलग राज्यों से हैं और उनके लिए दिवाली और दशहरे के त्योहार प्रमुख हैं। क्या ऐसे राज्यों में नौकरी करना उनकी गलती है। क्या परिवार, घर-समाज उनके लिए मायने नहीं रखते। 

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एक साल से घर नहीं गए शिक्षक
शिक्षकों ने कहा, ज्यादातर स्टाफ पिछले 1 साल से घर नहीं गया। आखिर एकतरफा फैसले क्यों लिए जा रहे हैं। इन मनमाने निर्णय से स्टाफ मानसिक प्रताड़ना महसूस कर रहे हैं। शायद धर्म, नैतिकता, मानवता, लोकतंत्र और मानवाधिकार हम नवोदय शिक्षकों पर लागू नहीं होते। लेकिन यह सब हमें विद्यार्थियों में कूट कूट कर भरना है। 

सभी को दिवाली मनाने का अधिकार- विहिप
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा, सभी को दिवाली मनाने का अधिकार है, तो नवोदय स्टाफ को क्यो नहीं। इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री , एचआरडी मंत्रालय से कार्रवाई की मांग की है।