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देश भर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च होंगे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, विधेयक पास

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Madviya) ने कहा कि यह विधेयक राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (National Institute Of Pharmaceutical Education And Research) को मजबूती देगा, शोध को महत्व देगा और देश की जरूरतों को पूरा करेगा। 

Now National Institute of Pharmaceutical Education and Research across the country will be institutions of national importance, bill passed Parliament
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New Delhi, First Published Dec 9, 2021, 7:38 PM IST
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नई दिल्ली। संसद ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (संशोधन) विधेयक 2021 को गुरुवार को मंजूरी दे दी। इस विधेयक में देश में इस तरह के 6 संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने और फार्मा क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के प्रावधान किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यसभा (Rajya sabha) में कहा कि यह विधेयक राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (National Institute Of Pharmaceutical Education And Research) को मजबूती देगा, शोध को महत्व देगा और देश की जरूरतों को पूरा करेगा। विधेयक पर चर्चा के बाद उच्च सदन ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इन इंस्टीट्यूट्स की गवर्निंग बॉडी में SC/ST वर्ग के साथ ही एक महिला को भी रखा जाएगा। 

52 फीसदी लोगों को लग गईं दोनों डोज 
मांडविया ने बताया कि देश के लिए गर्व की बात है कि कोविड-19 रोधी टीकों (Vaccine) की दोनों खुराक 52 प्रतिशत लोगों को दे दी गई है, जबकि 85 प्रतिशत लोगों को पहली खुराक दे दी गई है। उन्होंने बताया कि अमेरिका (America) में उपलब्ध कराई जा रही 40 प्रतिशत से अधिक जेनेरिक दवाएं (Generic Medicine)भारत में ही बनती हैं और भारत में भी बड़ी संख्या में लोग इसका उपयोग कर रहे हैं। 

भारत में 10 हजार से अधिक फार्मा कंपनियां 
मांडविया ने बताया कि देश में फार्मा एक विकसित क्षेत्र बन गया है। इस समय करीब 10 हजार से अधिक फार्मा कंपनियां भारत में हैं और कई भारतीय कंपनियां दुनियाभर में मल्टीनेशनल कंपनीज की तरह काम कर रही हैं। अब भारत की जरूरत के अनुसार फार्मा क्षेत्र में विकास और रिसर्च करने की जरूरत है। फार्मा क्षेत्र में शिक्षा और रिसर्च के मकसद से राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान को स्थापित किया गया था। पहले इस संस्थान को पंजाब के मोहाली में स्थापित किया गया था और बाद में देश में ऐसे 6 और संस्थान खोले गए। उन्होंने कहा कि इस संशोधन विधेयक का मकसद फार्मा शिक्षा में समन्वय लाना है। पंजाब के मोहाली स्थित राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान पहले ही घोषित कर दिया था। मौजूदा संशोधन विधायक में अहमदाबाद, हाजीपुर, गुवाहाटी, हैदराबाद, रायबरेली और कोलकाता में ऐसे संस्थान को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने का प्रावधान है। विधेयक में औषधि शिक्षा में अनुसंधान, एकीकृत पाठ्यक्रम लाने के साथ स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट डिग्री जैसे पाठ्यक्रमों का विस्तार करने की बात कही गई है। 
 

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