अरुंधती राय ने बुधवार को प्रदर्शन के दौरान कहा, 'सरकार एनआरसी और डिटेंशन कैंप के मुद्दे पर झूठ बोल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विषय पर गलत तथ्य पेश किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एनपीआर के दौरान कोई आप से नाम पूछे तो रंगा बिल्ला बताइए, पता पूछे तो 7 रे़ड कोर्स बताइए। 

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ विरोध जारी है। इस बीच CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय एक विवादित बयान देकर फंस गई हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एनपीआर को एनआरसी का हिस्सा बताते हुए कहा कि जब सरकारी कर्मचारी जानकारी मांगने आपके घर आएं तो उन्हें गलत जानकारी दीजिए। अपना नाम रंगा बिल्ला बताइए और पता 7 रेस कोर्स रोड बताइए। बीजेपी ने इस मुद्दे पर अरुंधति को घेरा है, वहीं कांग्रेस ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है।

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सरकार बोल रही झूठ 

अरुंधती राय ने बुधवार को प्रदर्शन के दौरान कहा, 'सरकार एनआरसी और डिटेंशन कैंप के मुद्दे पर झूठ बोल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विषय पर देश के सामने गलत तथ्य पेश किए हैं। जब कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र, सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हैं तो इन छात्रों को अर्बन नक्सल कह दिया जाता है।' अरुंधति रॉय के साथ ही फिल्म अभिनेता जीशान अय्यूब और अर्थशास्त्री अरुण कुमार भी नार्थ कैंपस पहुंचे।

कोई नाम पूछे तो बताइए रंगा बिल्ला 

अरुंधति रॉय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'एनपीआर भी एनआरसी का ही हिस्सा है। एनपीआर के लिए जब सरकारी कर्मचारी जानकारी मांगने आपके घर आएं तो उन्हें अपना नाम रंगा बिल्ला बताइए। अपने घर का पता देने के बजाए प्रधानमंत्री के घर का पता लिखवाएं।' अरुंधति राय ने बेहद तल्ख अंदाज में सरकार की आलोचना करते हुए कहा, 'नार्थ ईस्ट में जब बाढ़ आती है तो मां अपने बच्चों को बचाने से पहले अपने नागरिकता के साथ दस्तावेजों को बचाती है। क्योंकि उसे मालूम है कि अगर कागज बाढ़ में बह गए तो फिर उसका भी यहां रहना मुश्किल हो जाएगा।'

सुब्रमण्यन स्वामी ने बताया देशद्रोह

बीजेपी के कद्दावर नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने मीडिया से इस मामले मे बात की। जिसमें उन्होंने कहा, 'यह हैरान करने वाला है। यह देशद्रोह है। एनपीआर के लिए सरकार जो डेटा मांग रही है वह वीजा, मास्टर कार्ड, बैंक और अन्य जगहों पर मांगे जाने वाले जरूरी डेटा से कम है।' वहीं, इस मामले पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से मीडिया ने बात करने की कोशिश की तो उन्होंने प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।