ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में प्रदेश को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। मोहन माझी ने पुरी जगन्नाथ मंदिर के चारों गेटों को फिर से खोलने का निर्णय लिया है। 

नेशनल न्यूज। ओडिशा में मोहन माझी ने मुख्यमंत्री की शपथ लेने के साथ मंत्रीमंडल के साथ अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग भी कर ली। इस दौरान माझी ने मीटिंग तमाम मुद्दों पर चर्चा के साथ पुरी जगन्नाथ मंदिर के चारों गेटों को आज से फिर खोलने का निर्णय लिया है। सीएम ने श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानी के चलते यह फैसला लिया है। इसके साथ मंदिर में चारों गेटों पर उचित सुरक्षा व्यवस्था का बंदोबस्त करने के लिए भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ मंदिर की जरूरी आवश्यकताओं के लिए एक कॉर्पस फंड बनाने का भी निर्णय लिया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सीएम बनते ही घोषणापत्र का पहला वादा पूरा
मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में यह भी वादा किया था कि सरकार में आने के बाद पुरी जगन्नाथ मंदिर के दर्शन के लिए चारों गेटों को खोल दिया जाएगा। ऐसे में माझी ने कैबिनेट मीटिंग में पहला वादा पूरा कर दिया है और जगन्नाथ पुरी मंदिर के चारों गेटों को आज से खोल देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि मंदिर क द्वार बंद होने से श्रद्धालुों को परेशानी हो होती है, इसलिए ये फैसला लिया गया है।

पढ़ें ओडिशा: मोहन चरण माझी ने ली सीएम पद की शपथ, पीएम ने दी बधाई, नवीन पटनायक रहे मौजूद

कोविड के समय से बंद था
पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पुरी जगन्नाथ मंदिर के चार गेट को कोरोना महामारी के दौरान बंद करने का निर्णय लिया था। इसके बाद से मंदिर के चार गेटों को बंद ही रखा गया हुआ था। श्रद्धालुओं को केवल एक ही द्वार से प्रवेश दिया जाता था। यहां आने वाले भक्तों को दर्शन-पूजन के लिए इस कारण काफी लंबी लाइन लगानी पड़ती थी। अब चारों गेट खोलने के बाद मंदिर आने वाले भक्तों को दिक्कत नहीं होगी।

500 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनेगा
इस दिशा में सीएम ने आगे कहा है कि कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि मंदिर के संरक्षण और सुरक्षा के लिए 500 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड का गठन किया जाएगा। सभी मंत्री जगन्नाथ पुरी दर्शन करने के लिए भी जाएंगे।