कांग्रेस ने कृषि कानून और एमएसपी के मुद्दे पर सरकार को संसद में घेरने की रणनीति बनाई है। संसद सत्र के दौरान पार्टी दोनों सदनों में पहले ही दिन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने का दबाव बनाएगी।

नई दिल्ली। तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद जहां बीजेपी बैकफुट पर नजर आ रही है। वहीं, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को संसद में घेरने की रणनीति बनाई है। संसद के शीतकालीन सत्र (Winter Session) को लेकर गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के घर पर बैठक हुई।

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बैठक में तय किया गया कि संसद सत्र के दौरान पार्टी दोनों सदनों में पहले ही दिन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने का दबाव बनाएगी। इसके साथ ही MSP की गारंटी के लिए नए कानून की मांग भी करेगी। कांग्रेस लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की भी मांग करेगी। कांग्रेस संसद में महंगाई के मुद्दे को जोर शोर से उठाएगी। पार्टी मोदी सरकार को पेट्रोल और डीजल के दामों पर घेरेगी। 

सोनिया गांधी के घर हुई बैठक में राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोक सभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, आनंद शर्मा, ए के एंटनी, मनिक्कम टैगोर, के एस सुरेश, जयराम रमेश, गौरव गोगोई और रवनीत सिंह बिट्टू शामिल हुए।

कृषि कानून निरस्त के बाद कांग्रेस के हौसले बुलंद
कृषि कानून रद्द करने के ऐलान के बाद से कांग्रेस के हौसले बुलंद है। वो इसे अपनी जीत बता रही है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गुरुनानक देवजी की 552वीं जयंती(Guru Nanak Jayanti 2021) पर 19 नवंबर को तीनों कृषि कानून (AgricultureBill) रद्द करने का ऐलान किया था। इस प्रस्ताव को 24 नवंबर को कैबिनेट में मंजूरी दे दी गई थी। अब इसे संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। यानी कानून निरस्त करने का एक नया कानून बनाकर दोनों सदनों में रखा जाएगा। वहां से पारित होने के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा।

28 को सर्वदलीय बैठक
इधर, सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले औपचारिक तौर पर 28 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। राज्यसभा अध्यक्ष और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी पार्टी के नेताओं की मीटिंग बुलाई है। इस बैठक का मकसद संसद का कामकाज बिना बाधा के हो सके, उसके लिए विपक्षी नेताओं को तैयार करना है। इस बार संसद में कई महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाएंगे। इनमें आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2021 का क्रिप्टोकरेंसी और विनियमन सहित कुल 26 विधेयक शामिल हैं।

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