नई दिल्ली। देश में कोविड के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना के प्रकोप के बीच पीएम मोदी ने देश के नाम अपना सबोधन किया। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को एकजुट होकर इस महामारी से लड़ने की अपील की। साथ ही राज्यों को सलाह दी कि लाॅकडाउन को अंतिम विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करें। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि बिना आवश्यकता कोई भी घर से बाहर न निकले। पीएम मोदी ने देशवासियों से संबोधन में कई महत्वपूर्ण बातें कही, जानिए वह 10 बातें जो प्रधानमंत्री ने कहे। 

1-मैं आपकी पीड़ा में शाामिल हूं
पीएम मोदी ने कहा- कोरोना की दूसरी लहर में जिन्होंने अपनों को खोया है, एक परिवार के सदस्य के रूप में मैं उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। जो पीड़ा आप सह रहे हैं उसका अहसास मुझे है। 

2- लाॅकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में चुनें राज्य
राज्य सरकारें लाॅकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में चुने। लोगों को प्रेरित करें कि वह बेवजह बाहर न निकले। इससे अर्थव्यवस्था और आजीविका पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। 

3- श्रमिकों का भरोसा जीते राज्य
पीएम ने कहा, मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें। राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा। 

4-स्वच्छता की तरह बालमित्र करें मदद
पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता अभियान में मेरे बालमित्रों ने बहुत सहयोग किया था। कोरोना महामारी में भी मेरे बालमित्र सहयोग करें। वह घर पर जिद करें कि उनके माता-पिता या बड़े बेवजह घर से बाहर न निकले। अगर बहुत जरूरी हो तो ही घर से निकले।

5- चुनौती पहले से बड़ी, मिलकर तूफान को पार करेंगे

पीएम मोदी ने कहा, इस बार पहले से यह चुनौती बड़ी है लेकिन हमें इसे अपने संकल्प, साहस और तैयारी के साथ दूर करना है। देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है। केंद्र, राज्य सरकार, निजी क्षेत्र उन सभी को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें इसकी आवश्यकता है। इस दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। 

6- कोरोना वॉरियर्स हमारी ताकत 
प्रधानमंत्री ने कहा, चुनौतियां बड़ी हैं, तैयारियों और संकल्प के साथ पार पाना है। मैं सभी हेल्थ वर्कर्स और कोरोना वॉरियर्स डॉक्टरों, मेडिकल-पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मी, एंबुलेंस के ड्राइवर, सुरक्षाबल, पुलिसकर्मी सभी की सराहना करूंगा। आपने कोरोना की पहली लहर में भी अपना जीवन दांव पर लगाया था। आज आप फिर इस संकट में अपने परिवार, सुख और चिंताएं छोड़कर दूसरों का जीवन बचाने में दिन-रात जुटे हुए हैं। 

7- धैर्य नहीं खोना है हमें

पीएम ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि कठिन से कठिन समय में भी हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम सही निर्णय लें, तभी हम विजय हासिल कर सकते हैं। इस बार भी हम धैर्य से इस तूफान को पार कर जाएंगे। 

8- लॉकडाउन की नहीं पड़ेगी जरूरत
पीएम ने कहा, मेरा युवा साथियों से अनुरोध है की वो अपनी सोसायटी में, मोहल्ले में, अपार्टमेंट्स में छोटी छोटी कमेटियां बनाकर कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाने में मदद करें। हम ऐसा करेंगे तो सरकारों को न कंटेनमेंट जोन बनाने की जरुरत पड़ेगी, न कफ्यू लगाने की, न लॉकडाउन लगाने की। 

9- जनभागीदारी से भगाएंगे कोरोना
कोरोना के तूफान को जनभागीदारी से ध्वस्त करेंगे। हमारे आसपास तमाम लोग, स्वयंसेवी संस्थाएं कोरोना मरीजों की मदद को आगे आए। निस्वार्थ भाव से मदद कर रहे। पूरे मनोयोग से मदद कर रहे लोगों के सेवाभाव को मैं नमन करता हूं। 

10- धैर्य के साथ आप लड़े इस लड़ाई को, पूरा श्रेय आपको
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास पीपीई किट है, लैब्स का नेटवर्क है। दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन है। आप लोगों ने जिस धैर्य से यह लड़ाई लड़ी है, उसका श्रेय सिर्फ आप सबका है। बताया कि दुनिया में सबसे तेजी से भारत में पहले 10 करोड़, फिर 11 करोड़ और अब 12 करोड़ वैक्सीन के डोज दिए गए हैं। कल ही वैक्सीनेशन को लेकर एक और अहम फैसला लिया गया है। एक मई के बाद से, 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा। अब भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा सीधे राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा।