नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संविधान दिवस के मौके पर केवड़िया में जारी एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, आज की तारीख देश पर सबसे बड़े आतंकी हमले के साथ जुड़ी हुई है। 2008 में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने मुंबई पर धावा बोल दिया था। इस हमले में अनेक लोगों की मृत्यु हुई थी। अनेक देशों के लोग मारे गए थे।

पीएम मोदी ने कहा, मैं मुंबई हमले में मारे गए सभी लोगों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मुंबई हमले के जख़्म भारत भूल नहीं सकता। आज का भारत नई नीति-नई रीति के साथ आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है। 

पीएम ने कहा, कोरोना के इसी समय में हमारी चुनाव प्रणाली की मजबूती भी दुनिया ने देखी है। इतने बड़े स्तर पर चुनाव होना, समय पर परिणाम आना, सुचारु रूप से नई सरकार का बनना, ये इतना भी आसान नहीं है। हमें हमारे संविधान से जो ताकत मिली है, वो ऐसे हर मुश्किल कार्यों को आसान बनाती है। 

"एक राष्ट्र एक चुनाव भारत की जरूरत"

उन्होंने कहा, एक राष्ट्र, एक चुनाव सिर्फ बहस का विषय नहीं है, यह भारत की जरूरत है। हर कुछ महीनों में विभिन्न स्थानों पर चुनाव होते हैं, विकास कार्य पर इसका प्रभाव सभी को पता है। इस मुद्दे का अध्ययन करने की आवश्यकता है और पीठासीन अधिकारी इसके लिए मार्गदर्शक हो सकते हैं। 

पीएम ने कहा, हमारे संविधान में कई विशेषताएं हैं लेकिन एक विशेष विशेषता कर्तव्यों का महत्व है। गांधी जी इस पर बहुत उत्सुक थे। उन्होंने महसूस किया कि एक बार जब हम अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं, तो अधिकार स्वतः ही सुरक्षित हो जाएंगे।