नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार यानी की 16 जनवरी को 'प्रारंभ: स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल समिट' को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए संबोधित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड  की तरफ से किया जा रहा था। इस दो दिवसीय कार्यक्रम के आखिरी दिन पीएम ने  बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल ऐड इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन (BIMSTEC) के युवा इंटवेंटरों से बात की। BIMSTEC में बांग्लादेश, भूटान, इंडिया, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे देश शामिल हैं।

पीएम मोदी ने संबोधन में कही ये बड़ी बातें

- पीएम मोदी ने इस दौरान संबोधन में कहा कि बदलाव की यात्रा में हर देश के अपने अनुभव होते हैं। भारत ने 5 साल के अनुभव शेयर करने के लिए एक बुकलेट जारी किया है। BIMSTEC देश भी अपने अनुभव साझा करें। ये हम सभी को सीखने में मदद करेंगे।' पीएम ने आगे कहा कि 'स्टार्ट अप इंडिया मिशन की शुरुआत में कई चुनौतियां थी। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप ईको-सिस्टम में से एक है। 14000 स्टार्टअप किसी न किसी अभियान में लगे हैं।'

- उन्होंने इस दौरान उस स्टार्टअप का जिक्र भी किया, जो सैटेलाइट लॉन्चिंग की बात कर रहा था। पीएम ने कहा कि 'आपने जो भी बताया, वो इस बात का एहसास कराते हैं कि आपमें भविष्य को बदलने की कितनी शक्ति है, जो युवा पहले से स्टार्टअप में हैं उन्हें देखते ही पहला रिएक्शन होता है वाह। आपका स्टार्टअप है। यह बदलाव बिम्सटेक की बहुत बड़ी ताकत है। भारत और बिम्सटेक के स्टार्टअप में एक जैसी ऊर्जा दिख रही है।'

-PM ने आगे कहा कि 'आज एक दिन हम सबके लिए एक साथ कई प्रारंभ का दिन है। आज BIMSTEC देशों की पहली स्टार्टअप कॉन्क्लेव है। आज स्टार्टअप इंडिया मूवमेंट 5 साल पूरे कर रहा है। आज ही भारत ने कोरोना के सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की है। यह दिन हमारी क्षमताओं और हेल्थकेयर वर्कर्स के स्वभाव का साक्षी है। कोरोना से लड़ाई में हमारे जो अनुभव रहे हैं, उनके साथ BIMSTEC देशों के युवा शामिल हो रहे हैं। इन दो दिनों में आपने कई अहम चर्चाएं कीं। अपने स्टार्टअप स्टोरी को साझा किया।'

- नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिन 12 सेक्टर्स में स्टार्टअप देश ने शुरू किए थे। उनके विजेताओं का ऐलान किया गया। ये सभी डिजिटल रिवोल्यूलेशन की सदी है। इसे एशिया की सदी भी कहा जाता है। यह समय की मांग है कि भविष्य के एंटरप्रन्योर हमारे यहां तैयार हों। इसके लिए एशिया के देशों को जिम्मेदारी लेनी होगी।'

- पीएम ने कहा कि 'हमारी सदियों पुरानी रिश्तों की साझी विरास ने हम सबको एक-दूसरे से जोड़कर रखा है। लोग अपने आइडिया को ज्यादा शेयर कर सकते हैं। हम जब सुख-दुख बांट सकते हैं तो हमारी सफलता भी जरूर शेयर करनी चाहिए। हमारे देश के युवाओं में जो ऊर्जा है, अधीरता है, इसमें पूरी दुनिया के लिए नई संभावनाएं देखता हूं।'

- उन्होंने कहा कि '2018 की समिट में मैंने कहा था कि हम सभी देश एक साथ आएंगे। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए हम इस प्लेटफॉर्म पर जुटे हैं। सभी देश कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। 2018 में BIMSTEC मिनिस्टर्स ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में हिस्सा लिया था। सभी क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। ये जितने मजबूत होंगे उतना ही फायदा हमारे स्टार्टअप को होगा।'

- पीएम ने कहा कि 'स्टार्टअप ने आपदा में अवसर खोजा, विपदा में विश्वास बांधा। इसकी कामयाबी बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। 8 ऐसे स्टार्टअप को आज अवॉर्ड मिला, जो छोटे शहरों से हैं। हर राज्य स्टार्टअप मिशन में भागीदार है। हर राज्य अपनी लोकल संभावनाओं के हिसाब से स्टार्टअप को बढ़ा रहा है। देश के 80 फीसदी जिले स्टार्टअप मूवमेंट से जुड़े हैं। 45 फीसदी स्टार्टअप छोटे शहरों से हैं।'

- पीएम मोदी ने खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर्स को बढ़ाने की बात की और कहा कि 'देश ने 1 लाख करोड़ का फंड बनाया है। इससे स्टार्टअप के लिए कई मौके बनेंगे। ये नए अप्रोच नई तकनीक को जन्म दे रहे हैं। एक पटरी पर चलने की सोच बदल रहे हैं। आज कितने स्टार्टअप आ रहे हैं। सभी अलग आइडिया के साथ आ रहे हैं। हर सेक्टर में क्रांति कर रहे हैं। इनका स्केल अभूतपूर्व है। इन्हें पैशन गाइड कर रहा है। जब नई चुनौती आई है, कोई ना कोई स्टार्टअप सामने आता है। कहता है ये काम हम करेंगे।'

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