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PM मोदी 1-2 सितंबर को कर्नाटक और केरल में कई प्रोजेक्ट लॉन्च करेंगे, इंडियन नेवी को मिलेगा INS विक्रांत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी1-2 सितंबर को कर्नाटक और केरल के दौरे पर जाएंगे। 2 सितंबर को कोच्चि में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत को देश को समर्पित करेंगे। वे मंगलुरु में कई बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव रखेंगे और लॉन्चिंग करेंगे।

PM modi  to visit Kerala and Karnataka on 1-2 September,Launching of INS Vikrant kpa
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First Published Aug 30, 2022, 12:01 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) 1-2 सितंबर को कर्नाटक और केरल के दौरे पर जाएंगे। 1 सितंबर को शाम 6 बजे प्रधानमंत्री कोचीन हवाई अड्डे के पास कलाडी गांव में आदि शंकराचार्य के पवित्र जन्मस्थान श्री आदि शंकर जन्मभूमि क्षेत्र का दौरा करेंगे। 2 सितंबर को सुबह 9:30 बजे प्रधानमंत्री कोच्चि में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत  INS विक्रांत (first indegenous aircraft carrier as INS Vikrant) देश को समर्पित करेंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे प्रधानमंत्री मंगलुरु में करीब 3800 करोड़ रुपए के विभिन्न प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

 

कोच्चि में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री विशेष रूप से रणनीतिक क्षेत्रों(strategic sectors) में आत्मानिर्भर भारत के प्रबल समर्थक रहे हैं। डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रधानमंत्री मोदी आईएनएस विक्रांत के रूप में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित पहले विमानवाहक पोत को नौसेना को सौंपेंगे। इसे भारतीय नौसेना के इन-हाउस वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो (WDB) द्वारा डिज़ाइन किया गया है, जबकि कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है। भारत के समुद्री इतिहास में ऐसा एयरक्राफ्ट कैरियर पहले कभी नहीं बनाया गया है।

इसका नामकरण भारत के शानदार पूर्ववर्ती विमान वाहक के नाम पर रखा गया है, जिसने 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसमें बड़ी संख्या में स्वदेशी उपकरण और मशीनरी हैं, जिसमें देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों के साथ-साथ 100 से अधिक एमएसएमई(Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises) ने अपना योगदान दिया है। विक्रांत के चालू होने के साथ भारत के पास दो ऑपरेशनल एयरक्राफ्ट कैरियर होंगे, जो देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेंगे।

25 अगस्त को भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल एसएन घोरमडे (Vice Admiral SN Ghormade) ने कहा था कि आईएनएस विक्रांत के शामिल होने से हिंद महासागर समेत पूरे इंडो पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

मंगलुरु में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी मंगलुरु में करीब 3800 करोड़ रुपए की मशीनीकरण और औद्योगीकरण परियोजनाओं(mechanization and industrialisation projects) का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री न्यू मैंगलोर पोर्ट अथॉरिटी द्वारा शुरू किए गए कंटेनरों और अन्य कार्गो को संभालने के लिए मशीनीकरण के लिए 280 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजना का उद्घाटन करेंगे। मैकेनाइज्ड टर्मिनल से कार्यकुशलता बढ़ेगी। समय बचने से कारोबारी माहौल को बढ़ावा मिलेगा। प्रोजेक्ट के फर्स्ट फेज को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिससे हैंडलिंग क्षमता में 4.2 MPTA जुड़ गया है, जो 2025 तक बढ़कर 6 एमटीपीए से अधिक हो जाएगा।

प्रधानमंत्री बंदरगाह द्वारा शुरू की गए करीब 1000 करोड़ रुपए के पांच प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे। अत्याधुनिक क्रायोजेनिक एलपीजी स्टोरेज टैंक टर्मिनल से लैस एकीकृत एलपीजी और बल्क लिक्विड पीओएल सुविधा अत्यधिक कुशल तरीके से 45,000 टन के पूर्ण लोड वीएलजीसी (बहुत बड़े गैस वाहक) को उतारने में सक्षम होगी। यह सुविधा देश में शीर्ष एलपीजी आयात करने वाले बंदरगाहों में से एक के रूप में बंदरगाह की स्थिति को मजबूत करते हुए क्षेत्र में प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना को मजबूत करेगी।

प्रधान मंत्री कुलई में फिशिंग हार्बर(Fishing Harbour at Kulai) के विकास की आधारशिला भी रखेंगे, जिससे मछली पकड़ने की सुरक्षित हैंडलिंग और वैश्विक बाजार में बेहतर कीमतों को बढ़ाया जा सकेगा।यह कार्य सागरमाला कार्यक्रम की देखरेख में होगा। इससे मछुआरा समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड द्वारा शुरू की गई दो परियोजनाओं यानी बीएस VI अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट और सी वाटर डिसेलिनेशन प्लांट का भी उद्घाटन करेंगे। लगभग 1830 करोड़ रुपए का बीएस VI अपग्रेड प्रोजेक्ट, अल्ट्रा-शुद्ध पर्यावरण के अनुकूल बीएस-VI ग्रेड ईंधन (10 पीपीएम से कम सल्फर सामग्री के साथ) के उत्पादन की सुविधा प्रदान करेगा। यह रोज 30 मिलियन लीटर (एमएलडी) की क्षमता के साथ समुद्री जल को रिफाइनरी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक पानी में परिवर्तित करता है।

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