राज्यसभा से रिटायर हो रहे 68 सदस्यों को गुरुवार को विदाई दी गई। इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह की खूब तारीफ की। वहीं, काला टीका लगाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे को धन्यवाद दिया। 

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर जया बच्चन तक, राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने पर 68 सदस्य रिटायर हो रहे हैं। इन सदस्यों को गुरुवार को विदाई दी गई। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने सदस्यों के कामकाज को याद किया।

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पीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की खूब तारीफ की। वहीं, काला टीका लगाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को धन्यवाद दिया। दरअसल, खड़गे ने गुरुवार को मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल पर ब्लैक पेपर जारी किया था। पीएम ने अपने भाषण में इसकी चर्चा की।

मनमोहन सिंह के योगदान की हमेशा होगी चर्चा

नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं विशेष रूप से मनमोहन सिंह को याद करना चाहूंगा। वह छह बार इस सदन के सदस्य बने। सदन के नेता और विपक्ष के नेता के रूप में अपने मूल्यवान विचारों से उन्होंने बहुत बड़ा योगदान दिया। वैचारिक मतभेद, कभी बहस में छींटाकशी, यह तो कम समय के लिए होता है, लेकिन इतने लंबे समय तक, जिस प्रकार से उन्होंने इस सदन का और देश का मार्गदर्शन किया है उसकी हमेशा चर्चा होगी।"

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उन्होंने कहा, "एक समय सदन में मतदान का अवसर था, पता था कि विजय ट्रेजरी बेंच की होने वाली है। अंतर भी बहुत था, लेकिन डॉक्टर मनमोहन सिंह व्हीलचेयर में आए। वोट किया। एक सांसद अपने दायित्व के लिए कितना सजग है इसका उदाहरण दिया। मैं देख रहा था कि कमेटी मेंबर्स के चुनाव में वह व्हीलचेयर में वोट देने आए। सवाल ये नहीं है कि वो किसको ताकत देने के लिए आए थे। मैं मानता हूं वो लोकतंत्र को ताकत देने आए थे। इसलिए आज विशेष रूप से मैं उनकी लंबी उम्र के लिए हम सबकी ओर से प्रार्थना करता हूं।"

पीएम ने कहा, "हम वो दिन भूल नहीं सकते कि कोविड के कठिन कालखंड में हमने परिस्थितियों को समझा, उसके अनुकूल अपने आप को गढ़ा। किसी भी दल के किसी भी सांसद ने ऐसे विषयों को लेकर देश के काम को रुकने नहीं दिया। कोरोना के उस कालखंड में मौत का खेल था। घर से निकले तो पता नहीं क्या होगा। इसके बाद भी सांसदों ने सदन में आकर देश को आगे बढ़ाया। उस कालखंड ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। संकट के बाद भी भारत के संसद में बैठे व्यक्ति दायित्व को निभाने के लिए कितना बड़ा जोखिम लेते हैं, कितनी कठिनाइयों के बीच काम करते हैं इसका अनुभव भी हमें हुआ।"

सदन में हुआ फैशन शो

पीएम मोदी ने कहा, "सदन में खट्टे-मीठे अनुभव भी रहे। कुछ दुखद घटनाएं भी रहीं। कोविड के कारण, हमारे कुछ साथी हमें छोड़कर चले गए। कभी-कभी फैशन परेड का दृश्य भी हमने देखा। काले कपड़े में सदन को फैशन शो का भी लाभ मिला। ऐसी विविधताओं के अनुभव के बीच हमारा कार्यकाल बीता।"

काला टीका लगाने के लिए खड़गे को दिया धन्यवाद

पीएम ने कहा, "अब खड़गे जी आ गए हैं तो एक धर्म तो निभाना ही पड़ता है मुझे। कभी-कभी कुछ काम इतने अच्छे होते हैं जो बहुत लंबे समय तक उपयोगी होते हैं। हमारे यहां कोई बच्चा अच्छी चीज कर लेता है, अच्छे कपड़े पहनकर तैयार होता है तो परिवार का कोई सज्जन आता है। कहता है, अरे किसी की नजर लग जाएगी, काला टीका लगा दो। आज देश पिछले 10 साल में समृद्धि के नए-नए शिखरों को पार कर रहा है। एक भव्य वातावरण बना है। उसको किसी की नजर न लग जाए। इसके लिए काला टीका लगाने का प्रयास हुआ है। मैं इसके लिए खड़गे जी का बहुत धन्यवाद करता हूं।"

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उन्होंने कहा, "मैं सोच रहा था कि आज कहीं सब काले कपड़े में न आएं, काला जोग खींचते-खींचते शायद ब्लैक पेपर तक चला गया है, लेकिन फिर भी मैं उसका भी स्वागत करता हूं। जब भी कोई अच्छी बात होती है, काला टीका, नजर न लग जाए इसलिए जरूरी होता है। आप (मल्लिकार्जुन खड़गे) जिस उम्र के हैं, जब ऐसा व्यक्ति यह काम करे तो अच्छा लगता है। मैं इसके लिए भी आभार व्यक्त करता हूं।"

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