देश की राजधानी दिल्ली में जहरीली होती हवा ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जिसके चलते दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। वहीं इसका असर उत्तरप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर आपात बैठक बुलाई है। दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 470 पर है, जो कि खतरनाक स्तर है। दिल्ली की खराब हवा का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जहरीली हवा की गंभीरता को देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण प्राधिकरण (ईपीसीए) को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी है। 

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में जहरीली होती हवा ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जिसके चलते दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। वहीं इसका असर उत्तरप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर आपात बैठक बुलाई है। दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 470 पर है, जो कि खतरनाक स्तर है। दिल्ली की खराब हवा का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जहरीली हवा की गंभीरता को देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी है।

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दिल्ली में 5 नवंबर तक बंद स्कूल
दिल्ली में लागू की गई हेल्थ इमरजेंसी के बाद दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को पांच नवंबर तक बंद करने के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को इस निर्णय की घोषणा करते हुए ट्वीट किया, पराली के धुंए के कारण दिल्ली में प्रदूषण उच्च स्तर पर पहुंच गया है। इसलिए सरकार ने सभी स्कूलों को पांच नवंबर तक बंद रखने के का फैसला किया है।

सीएम योगी ने बुलाई बैठक
यूपी के कई हिस्सों में भी हवा जहरीली हो गई है। बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर शाम संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें फैसला लिया गया कि जहां भी निर्माण कार्य किया जा रहा है उसे कवर किया जाए। इसके अलावा जिन जगहों पर धूल हो वहीं पानी का छिड़काव किया जाए। कूड़े का सही निस्तारण किया जाए।

योगी आदित्यनाथ ने दिए ये निर्देश
मुख्यमंत्री योगी ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को फॉगिंग करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक नगरीय क्षेत्रों में पीडब्ल्यूडी विभाग को आदेश दिया गया कि जिन जगहों पर प्रदूषण ज्यादा है, वहां कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रोक दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि वह यह सुनिश्चित करे कि किसान प्रदेश में कहीं भी पराली न जलाएं। सीएम योगी ने इस संबंध में किसानों को जागरूक करने के लिए एक अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने खेतों में पराली जलाने से जमीन की उत्पादकता पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी किसानों को देने के निर्देश दिए।

पराली जलाने का गहरा असर हवा पर
पंजाब और हरियाणा में प्रतिबंध के बावजूद लगातार पराली जलाए जाने के कारण दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता बहुत ज्यादा बिगड़ गई है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) इंडिया के अनुसार, दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 412 पर पहुंच गया है जो गंभीर श्रेणी में आता है।