दिल्ली में प्रदूषण का मुद्दा अब राजनीतिक रंग ले चुका है। जिसमें केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है। साथ ही उन्होंने सलाह भी दी है। 

नई दिल्ली. केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली में प्रदूषण मुद्दे का ‘राजनीतिकरण’ करने का शनिवार को आरोप लगाया। केजरीवाल ने स्कूली छात्रों से पराली जलाने के कारण हो रहे प्रदूषण को लेकर पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखने के लिए कहा था। इसके एक दिन बाद जावड़ेकर ने इस मुद्दे के ‘राजनीतिकरण’ के लिए उनकी निंदा की और कहा कि यह ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है कि वह आरोप-प्रत्यारोप में लिप्त है।

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बच्चों को भड़का रहे हैं केजरीवाल

जावड़ेकर ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री प्रदूषण मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे है और कोई समाधान निकालने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप में लिप्त है। वह हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को खलनायक के रूप में पेश करने के वास्ते उन्हें पत्र भेजने के लिए बच्चों को भड़का रहे है।’’

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मोदी सरकार ने निकाला हल 

उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण एक ऐसी समस्या है जो पिछले 15 वर्षों में बिगड़ी है और अब नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा इसका निवारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एनसीआर के मंत्रियों और अधिकारियों की अंतर-राज्य बैठकें शुरू कर दी हैं। सभी पक्षों को एक साथ कार्य करने की जरूरत है न कि एक दूसरे पर आरोप लगाने की।’’

केजरीवाल को दी सलाह 

जावड़ेकर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बजाय दिल्ली सरकार को अच्छे कार्यों के लिए धनराशि के इस्तेमाल पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे आज किसी पर आरोप लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। दिल्ली सरकार को विज्ञापनों पर 1,500 करोड़ रुपये खर्च करने के बजाय प्रदूषण से निपटने और मशीनों को हासिल करने के लिए पंजाब और हरियाणा के किसानों को ये धनराशि देनी चाहिए थी जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती। आरोप-प्रत्यारोप लगाने से प्रदूषण नहीं घटेगा बल्कि सही दिशा में प्रयास करने होंगे।’’

दिल्ली सरकार पर बोला हमला

जावड़ेकर ने मेट्रो के चरण चार और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए अब तक धनराशि नहीं जारी करने के लिए भी दिल्ली सरकार पर निशाना साधा जबकि अदालत ऐसा किये जाने के निर्देश दे चुकी है। उन्होंने लोगों से जितना संभव हो मोटर वाहनों की जगह साइकिल का उपयोग करने और सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने का भी अनुरोध किया।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)