Asianet News Hindi

प्रयागराज: इफको में आधी रात अमोनिया गैस रिसाव से हड़कंप, दो अफसरों की मौत;एक दर्जन लोग गंभीर

प्रयागराज के फूलपुर में स्थित इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हुआ। यहां यूरिया इकाई में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया, जिसकी चपेट में आने से दो अफसरों समेत 14 लोगों की हालत बिगड़ गई। जहां इलाज के दौरान दोनों अफसरों की मौत हो गई।

Prayagraj Midnight ammonia gas leak in IFFCO two officers dead One dozen people serious kpl
Author
Prayagraj, First Published Dec 23, 2020, 7:56 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

प्रयागराज. प्रयागराज के फूलपुर में स्थित इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हुआ। यहां यूरिया इकाई में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया, जिसकी चपेट में आने से दो अफसरों समेत 14 लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी को शहर के एक अस्पताल भेजा गया जहां असिस्टेंट मैनेजर वीपी सिंह व डिप्टी मैनेजर अभयनंदन की मौत हो गई। 12 अन्य को शहर स्थित अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

शहर से 30 किमी की दूरी पर जौनपुर-गोरखपुर मार्ग पर फूलपुर में स्थित इफको में अमोनिया व यूरिया निर्माण की दो-दो इकाइयां हैं। रोज की तरह यहां मंगलवार को भी काम चल रहा था। रात 10 बजे से नाइट शिफ्ट में तैनात कर्मचारी अलग-अलग इकाइयों में काम पर लगे हुए थे। 11.30 बजे के करीब यूरिया इकाई में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव होने लगा।

फैक्ट्री के अंदर ही बेहोश हो गए 14 लोग 
अमोनिया गैस का रिसाव होते ही वहां अफरातफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी निकलकर बाहर की ओर भागने लगे। इस दौरान अन्य तो किसी तरह बाहर निकल गए लेकिन 14 लोग गैस की चपेट में आ गए जिससे उनकी हालत बिगडने लगी। इनमें से कई लोग फैक्ट्री के भीतर ही बेहोश हो गए। सूचना पर कंपनी के अफसरों के साथ ही पुलिस भी आ गई। किसी तरह बेहोश लोगों को फैक्ट्री से बाहर निकालकर शहर के एक अस्पताल ले जाया गया। इनमें से असिस्टेंट मैनेजर यूरिया वीपी सिंह व डिप्टी मैनेजर ऑफसाइट अभयनंदन कुमार की हालत बेहद गंभीर थी। अस्पताल में इलाज के दौरान कुछ घंटों बाद दोनों की मौत हो गई, जिससे वहां कोहराम मच गया।

गैस का रिसाव होने के कारणों की जांच शुरू 
गैस रिसाव की सूचना पाते ही कंपनी के कई अफसर रात में ही अस्पताल भी पहुंच गए। गैस का रिसाव कैसे हुआ, इसका पता नहीं चल सका। लेकिन चर्चा रही कि यूरिया उत्पादन इकाई में किसी पंप में लीकेज की वजह से गैस का रिसाव हुआ। फिलहाल कंपनी के अफसरों का कहना है कि गैस रिसाव की असली वजह का पता जांच के बाद ही पता लग सकेगा। पीआरओ विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि हादसे में दो अफसरों की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इनमें असिस्टेंट मैनेजर यूरिया व डिप्टी मैनेजर ऑफसाइट शामिल हैं। गंभीर हालत में 12 कर्मचारियों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios