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तीन तलाक बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी

तीन तलाक बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है। गाम्बिया दौरे से लौटने के तुरंत बाद राष्ट्रपति ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण बिल पर हस्ताक्षर किए। एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले सत्र में अबतक 10 विधेयक पास हो चुके हैं। ये सभी विधेयक दोनों सदनों में पास होने के बाद राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। इससे पहले मंगलवार को तीन तलाक बिल राज्यसभा में पास हो गया।  बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े थे। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिल पास होने के बाद कहा था- ये बदलते भारत की तस्वीर है।

President approves triple talaq bill 2019
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New Delhi, First Published Aug 1, 2019, 10:42 AM IST
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नई दिल्ली. तीन तलाक बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है। गाम्बिया दौरे से लौटने के तुरंत बाद राष्ट्रपति ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण बिल पर हस्ताक्षर किए। एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले सत्र में अबतक 10 विधेयक पास हो चुके हैं। ये सभी विधेयक दोनों सदनों में पास होने के बाद राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। इससे पहले मंगलवार को तीन तलाक बिल राज्यसभा में पास हो गया।  बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े थे। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिल पास होने के बाद कहा था- ये बदलते भारत की तस्वीर है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बना कानून
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब तीन तलाक बिल एक कानून बन गया है। अब इस कानून के सहारे पीड़ित मुस्लिम महिलाएं अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारे भत्ते की मांग कर सकेंगी। इस बिल में दोषी पुरुष के खिलाफ 3 साल की सजा का प्रावधान है। 

तीन तलाक कानून से जुड़ी अहम बातें

  • लिखकर बोलकर, या किसी अन्य माध्यम से कोई पति अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है, तो वह अपराध की कैटेगिरी में आएगा। 
  • पति द्वारा तीन तलाक देने पर खुद पत्नी और उसका करीबी रिश्तेदार केस दर्ज करा सकेंगे। 
  • नए बिल के तहत एक समय में तीन तलाक देना अपराध की श्रेणी में आएगा। पुलिस बिना वारंट आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है। 
  • जज पीड़ित महिला का पक्ष सुने बगैर तीन तलाक देने वाले पति को जमानत नहीं दे पाएंगे। 
  • तीन तलाक देने पर बच्चे और पत्नी के भरण पोषण की जिम्मेदारी किसकी होगी इसका फैसला कोर्ट करेगी। 
  • बिल के मुताबिक छोटे बच्चे की निगरानी और रखवाली मां के पास रहेगी। 
  • नए कानून में समझौते हो सकेगा, लेकिन सिर्फ पत्नी की पहल पर ऐसा होगा। 

 

एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में 10 बिल पास

एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में 10 विधेयकों को राज्यसभा और लोकसभा में पास होने के बाद मंजूरी के लिए राष्ट्रपति कोविंद के पास भेज दिया है। इन विधेयकों में मुस्लिम महिला और विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र बिल,  होम्योपेथी केंद्र परिषद बिल, विशेष आर्थिक क्षेत्र बिल, केंद्रीय शैक्षिक संस्थान बिल  भारतीय चिकित्सा परिषद बिल,  कंपनी बिल, अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध बिल, जम्मू और कश्मीर आरक्षण बिल, आधार और अन्य कानून बिल, शामिल हैं। 

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