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प्रधानमंत्री मोदी का सैन्य प्रणाली पर महत्वपूर्ण निर्णय, जल्द होगा बदलाव

प्रधानमंत्री ने 73वां स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले तिरंगा फहराया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने भाषण कई मुद्दो समेत सैन्य रिफॉर्म का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिये हैं, कि सेना की प्रणाली जल्द बदलाव किये जाएंगे। अब तीनों सेना प्रमुखों का चीफ ऑफ डिफेंस भी होगा। प्रधानमंत्री ने इस बात की घोषणा अपने भाषण में कही है। 

Prime Minister Modis important decision on military system
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New Delhi, First Published Aug 15, 2019, 9:19 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री ने 73वां स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले तिरंगा फहराया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने भाषण कई मुद्दो समेत सैन्य रिफॉर्म का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिये हैं, कि सेना की प्रणाली जल्द बदलाव किये जाएंगे। अब तीनों सेना प्रमुखों का चीफ ऑफ डिफेंस भी होगा। प्रधानमंत्री ने इस बात की घोषणा अपने भाषण में कही है। 

बदलाव समय की अवश्यकता
'प्रधानमंत्री ने सैन्य बदलाव को लेकर कहा- समय रहते रिफॉर्म्स की बहुत आवश्यकता होती है। सैन्य संसाधनों के रिफॉर्म्स की काफी चर्चा पहले भी हो चुकी है। इस संबंध में अनेक रिपोर्ट्स आई हैं। सभी रिपोर्ट्स एक ही समस्या को उजागर करती रही है। हमारे तीनों जल थल नभ सेना में कॉर्डिनेशन तो है। किसी भी भारतीय को इसमें गर्व है। लेकिन आज जैसे दुनिया बदल रही है। आज जिस तरह तकनीक व्यवस्थाएं बन रही हैं। भारत को इसमें नहीं रुकना चाहिए। हमारी सेनाओं को एक साथ आगे बढ़ना होगा। जल थल नभ में एक आगे चले, दूसरा दो कदम पीछे हो ऐसा नहीं चल सकता। सबको साथ चलना होगा। आज मैं एक महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा करना चाहता हूं। चीफ ऑफ डिफेंस के पद का गठन करेंगे। इससे तीनों सेनाओं को प्रभावी नेतृत्व मिलेगा। इससे तीनों सेनाओं के लिए जो हमारा रिफॉर्म्स का सपना हो वो पूरा होगा।'

भारतीय शस्त्र सेनाओं की कमान राष्ट्रपति के पास
भारतीय शस्‍त्र सेनाओं की सर्वोच्‍च कमान भारत के राष्‍ट्रपति के पास है। राष्‍ट्र की रक्षा का दायित्‍व मंत्री मंडल के पास होता है। इसके निर्वहन रक्षा मंत्रालय से किया जाता है।सशस्‍त्र बलों को देश की रक्षा के लिए उनके दायित्‍व के निर्वहन के लिए नीतिगत रूपरेखा और जानकारियां देता है। भारतीय शस्‍त्र सेना तीन भागों में विभाजित हैं, जिसमें भारतीय थल सेना, भारतीय नौ सेना और भारतीय वायु सेना है। इन तीनों के पास देश की तथातथा इसके प्रत्‍येक भाग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी है। 

अभी सेना की प्रणाली में क्या है

अभी चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीओएससी) होता है।  चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी में सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख रहते हैं। सबसे वरिष्ठ सदस्य को इसका चेयरमैन नियुक्त किया जाता है। यह पद सीनियर सदस्य को रोटेशन के आधार पर रिटायरमेंट तक दिया जाता है।लंबे समय से चीफ ऑफ डिफेंस बनाने की मांग हो रही थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीफ ऑफ स्टाफ बनाने की घोषणा कर दी है।

कारगिल युद्ध में तीनों सेनाओं में तालमेल की कमी रह गई थी

इससे पहले साल 1999 में कारगिल युद्ध में पाया कि तीनों सेनाओं के बीच तालमेल की कमी रह गई थी। इसके बाद देश में चीफ ऑफ स्टाफ का पद बनाया गया।
इसका काम सिर्फ तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बैठाना होता है। इसके बाद 2012 में नरेंद्र चंद्र कार्यदल ने इसके लिए एक पर्मानेंट पद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाने की मांग की थी।
 

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