पीएम मोदी ने कहा, केंद्रीय कैबिनेट की टीम राज्य का दौरा कर नुकसान का अनुमान लगाएगी। इसके अलावा पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि चक्रवात के चलते इंफ्रास्ट्रक्चर में जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई में केंद्र हर संभव मदद करेगा।   

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तौकते तूफान प्रभावित ऊना, दीव, जाफराबाद और महुवा क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद अहमदाबाद में वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। बैठक में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने राज्य द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों का भी जायजा लिया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने तत्काल राहत के लिए राज्य को 1000 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया। 

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पीएम मोदी ने कहा, केंद्रीय कैबिनेट की टीम राज्य का दौरा कर नुकसान का अनुमान लगाएगी। इसके अलावा पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि चक्रवात के चलते इंफ्रास्ट्रक्चर में जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई में केंद्र हर संभव मदद करेगा।

पीएम मोदी ने कोरोना की स्थिति का भी जायजा लिया
पीएम मोदी ने गुजरात में कोरोना की स्थिति का भी जायजा लिया। साथ ही उन्होंने तौकते की वजह से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2 लाख और जख्मियों को 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया। 

अन्य राज्यों को भी मिलेगी मदद
पीएम मोदी ने कहा, केंद्र तौकते से प्रभावित सभी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। संबंधित राज्यों द्वारा केंद्र के साथ अपना आकलन साझा करने के बाद इन राज्यों को भी तत्काल वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि हमें आपदा प्रबंधन से संबंधित और अधिक वैज्ञानिक अध्ययनों पर ध्यान देना जारी रखना होगा।

कमजोर पड़ा चक्रवात
उधर, मुंबई और गुजरात में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान तौकते कमजोर पड़ गया है। अरब सागर से उठा यह तूफान अब राजस्थान से होते हुए हिमालय की ओर बढ़ गया है। लेकिन मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अंडमान के उत्तरी भाग और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान बन रहा है। यह 24-25 मई को चक्रवाती तूफान बन जाएगा। इसका नाम 'यास' है। 26 मई की शाम से ओडिशा पश्चिम बंगाल में बारिश शुरू हो जाएगी।

विपक्ष का सवाल
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा- तूफान की वजह से कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात और दीव में नुकसान हुआ है। महाराष्ट्र के 5 ज़िलों में बड़ी तबाही हुई। प्रधानमंत्री दीव और गुजरात का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। सवाल है कि महाराष्ट्र का हवाई सर्वेक्षण क्यों नहीं किया गया। क्या ये भेदभाव है?

यह भी जानें...

IMD के वैज्ञानिक राजेंद्र कुमार जेनामनी ने बताया-अंडमान के उत्तरी भाग और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान बन रहा है। 22 को लो प्रेशर और 23 को डिप्रेशन शुरू होगा। यह 24-25 मई को चक्रवाती तूफान बन जाएगा। इसका नाम 'यास' है। 26 मई की शाम से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि तौकते चक्रवात आज उदयपुर के पास है। कमजोर हो गया है। राजस्थान हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होगी। हवा ज्यादा नहीं रहेगी। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भारी बारिश होगी। दिल्ली में कम बारिश होगी।

तूफान के कमजोर पड़ जाने से अब हवाओं की गति 40-50 किमी प्रतिघंटे रह गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को उदयपुर और जोधपुर संभाग सहित बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर, जालौर और पाली में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग भी बारिश होगी।

तूफान ने मुंबई और गुजरात में काफी तबाही मचाई। कम से कम 27 लोगों की मौत हो चुकी है, 100 से आसपास लोगों के लापता होने की सूचना है। लाखों घरों में बिजली सप्लाई बाधित होने से अंधेरा कायम है। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। कई लाख पेड़ सड़कों और अन्य क्षेत्रों में गिरे हुए हैं।

गुजरात में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है। करीब 16500 घर तबाह हो चुके हैं। राज्यभर में 40,000 से अधिक पेड़ गिरे हैं। ऊना, राजकोट, भावनगर, पाटन और अमरेली के इलाकों में हवा की रफ्तार बहुत ज्यादा थी, इसलिए काफी सड़कें ब्लॉक हो गई हैं। तूफान की वजह से 70 हजार से अधिक बिजली के पोल गिर गए हैं। 165 सब-स्टेशन्स में 68 तबाह हो चुके हैं। 5951 से अधिक गांव अंधेरे में डूब गए हैं। तूफान का प्रभाव गिर सोमनाथ, अमरेली, जूनागढ़, पोरबंदर और भावनगर पर रहा। 

तूफान ने महाराष्ट्र में भी भारी तबाही मचाई है। बर्बादी के निशां 6,349 से ज्यादा गांवों में देखे जा सकते हैं। अलग-अलग हादसों में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है। इनमें 4 रायगढ़ जिले से, रत्नागिरी और ठाणे से 2-2, सिंधुदुर्ग और धुले से 1-1 व्यक्ति शामिल है। मुंबई के मीरा रोड इलाके में भी एक व्यक्त की मौत हुई। सिर्फ सिंधुदुर्ग जिले में 5.77 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हाने की आशंका है। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी जिले में भारी नुकसान हुआ। मुंबई में 479 स्थानों पर पेड़ गिरने की खबर है। 60 से अधिक जगहों पर ट्रैफिक जाम हुआ। कई जगहों पर बिजली भी प्रभावित भी हुई।

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