जम्मू-कश्मीर के  पुलवामा के पास एक सैंट्रो गाड़ी में आईईडी प्लांट की गई थी, जिसको समय रहते पहचान लिया गया और समय रहते डिफ्यूज कर दिया गया। कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने कहा, पुलवामा पुलिस को पिछले एक हफ्ते से खबर मिल रही थी कि जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन एक आत्मघाती हमला करने वाले हैं।

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के पास एक सैंट्रो गाड़ी में आईईडी प्लांट की गई थी, जिसको समय रहते पहचान लिया गया और समय रहते डिफ्यूज कर दिया गया। कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने कहा, पुलवामा पुलिस को पिछले एक हफ्ते से खबर मिल रही थी कि जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन एक आत्मघाती हमला करने वाले हैं और एक सेंट्रो कार ली है उसमें आईडी भर कर वो किसी भी समय हमला कर सकते हैं। 

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ऐसे नाकाम की गई आतंकी साजिश

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"मिलीटेंट गाड़ी घुमाकर भाग गया"

कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने बताया, कल शाम को पुलवामा पुलिस ने आर्मी,CRPF का नाका लगाया, जिस गाड़ी की खबर थी जब वो नाके के पास आई तो एक वार्निंग फायर की और मिलीटेंट गाड़ी घुमाकर भाग गया।अगले नाके पर भी उस पर वार्निंग फायर की गई,उस जगह मिलीटेंट अंधेरा होने की वजह से गाड़ी को छोड़ कर भाग गया। 

"40-45 किलो विस्फोटक होगा"

उन्होंने बताया, ये किसी सुरक्षा बल की गाड़ी को निशाना बनाता। ऐसा लगता है कि 40-45 किलो विस्फोटक होगा। 

साजिश के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ

पुलिस आईजी विजय कुमार ने बताया कि इस साजिश के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था।

12 घंटे में साजिश को नाकाम किया

पुलिस आईजी विजय कुमार ने बताया, हमें पिछले एक हफ्ते से इनपुट मिल रहे थे कि जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर ए तैयबा और हिजबुल मिलकर आत्मघाती हमले की फिराक में हैं। कल दिन में हमारी जानकारी पुख्ता हो गई। इसके बाद शाम को पुलवामा पुलिस ने सीआरपीएफ, सेना के साथ नाका पार्टी की मदद से सफेद सैंट्रो कार को ट्रैक किया।

10 दिन पहले रची गई साजिश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईद से लगभग 10 दिन पहले जंग-ए-बदर के दिन आतंकवादी हमले की साजिश रच रहे थे। आईजी कश्मीर विजय कुमार के मुताबिक, पुलिस ने सर्च अभियान शुरू कर दिया। बुधवार रात को आतंकी गाड़ी लेकर निकला तो उसे पुलिस ने नाके पर रोकने की कोशिश की। पुलिस ने फायरिंग की, लेकिन आतंकी ने गाड़ी नहीं रोकी फरार हो गया। फिर एक दूसरे नाके पर इस गाड़ी को रोका गया। आतंकी दोबारा नहीं रुका तो पुलिस ने फायरिंग की। इस बार आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी को छोड़कर भाग गया।