पुणे के पिंपरी-चिंचवड में बिल्डिंग गिरने से मरने वालों की संख्या 8 हो गई है। शनिवार को बचाव अभियान के चौथे दिन 7 और शव निकाले गए। हादसा मोशी लैंडफिल साइट पर हुआ था। एक व्यक्ति अब भी लापता है और बचाव कार्य जारी है।

पुणे (महाराष्ट्र) [भारत], 12 जुलाई (एएनआई): पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड में इमारत गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर आठ हो गई। वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट की ढह चुकी प्रशासनिक इमारत के अंदर फंसे सात और लोगों के शव खोज एवं बचाव अभियान के चौथे दिन बरामद किए गए। एक लापता व्यक्ति की तलाश अभी भी जारी है।

यह घटना 8 जुलाई को दोपहर करीब 1:30 बजे हुई, जब मोशी लैंडफिल साइट पर कचरे का एक बड़ा ढेर प्रशासनिक इमारत पर गिर गया। पीसीएमसी के पीआरओ द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस घटना में कुल 23 लोग फंसे थे, जिनमें 22 इमारत के अंदर और एक बगल के कचरे के ढेर के नीचे था। पांच लोग इमारत से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे, जबकि बचाव दलों ने घटना के दिन नौ अन्य लोगों को जिंदा बाहर निकाला।

बचाव अभियान और चुनौतियां

यह बचाव अभियान भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम, पीएमआरडीए फायर डिपार्टमेंट और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया है। 9 जुलाई को, भावेश वाणी नामक एक और फंसे हुए व्यक्ति को इमारत से बचाया गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि बचावकर्ताओं को अस्थिर और भारी क्षतिग्रस्त ढांचे तक पहुंचने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

इमारत के चारों ओर मलबा हटाने के लिए 12 एक्सकेवेटर, डंपर और जेसीबी मशीनें तैनात की गईं। हालांकि, क्षतिग्रस्त ढांचा असुरक्षित बना रहा, जिससे इमारत में प्रवेश करने में देरी हुई। शुक्रवार देर रात, दो उन्नत डिमोलिशन एक्सकेवेटर साइट पर लाए गए। एनडीआरएफ के तकनीकी मार्गदर्शन में, इमारत के अस्थिर कंक्रीट हिस्सों को सावधानीपूर्वक हटाया गया, जिससे बचाव दल ढांचे में प्रवेश कर सके।

शनिवार को मिले सात शव

शनिवार को चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान, इमारत के अंदर से अक्षय सावंत (35), सुनील कोरके (40), सनी माने (39), महेश कुंभार (33), नागेश गायकवाड़ (26), रंजीत पाटिल (22) और राहुल गायकवाड़ (35) के शव बरामद किए गए। सभी सातों को पिंपरी के वाईसीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मण गोफाने ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति अभी भी बगल के कचरे के ढेर के नीचे फंसा हुआ है। एनडीआरएफ के कैनाइन स्क्वॉड और भारी मशीनरी की मदद से युद्ध स्तर पर तलाशी अभियान जारी है।

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