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PNB घोटाले का भगोड़ा भारत के शिकंजे में आएगा या एंटीगुआ भेजा जाएगा, आज फैसला देगी डोमिनिका कोर्ट

पंजाब नेशनल बैंक(PNB) में हुए 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की कस्टडी को लेकर आज कैरेबियन आइसलैंड देश डोमिनिका की एक कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। चोकसी के वकील की पूरी कोशिश है कि उसे एंटीगुआ के हवाले कर दिया जाए, लेकिन भारत उसके प्रत्यर्पण को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। मेहुल ने एंटीगुआ की नागरिकता ले रखी है। वो 23 मई को अचानक गायब हो गया था। 26 मई को उसे डोमिनिका पुलिस ने पकड़ा था।

Punjab National Bank scam, Dominica court will give decision on the custody of fugitive Mehul Choksi today kpa
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Dominican Republic, First Published Jun 2, 2021, 11:03 AM IST
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डोमिनिका. भगाेड़े मेहुल चोकसी की कस्टडी को लेकर आज डोमिनिका की कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। पंजाब नेशनल बैंक(PNB) में हुए 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की कस्टडी को लेकर कैरेबियन आइसलैंड देश डोमिनिका की एक कोर्ट भारतीय समय के अनुसार शाम 6.309 से 7 बजे के बीच अपना फैसला देगी। चोकसी के वकील की पूरी कोशिश है कि उसे एंटीगुआ के हवाले कर दिया जाए, लेकिन भारत उसके प्रत्यर्पण को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। मेहुल ने एंटीगुआ की नागरिकता ले रखी है। वो 23 मई को वो अचानक गायब हो गया था। 26 मई को उसे डोमिनिका पुलिस ने पकड़ा था। 

ईडी और सीबीआई की टीम भी डोमिनिका पहुंची
मेहुल चोकसी की कस्टडी भारत को सौंपे जाने की उम्मीदों के साथ ईडी और सीबीआई की टीम डोमिनिका पहुंच गई है। PNB से घोटाला करके एंटीगुआ भागा भगोड़ा मेहुल चौकसी इस समय कैरेबियन आइसलैंड देश डोमिनिका पुलिस की कस्टडी में एक अस्पताल में भर्ती है। इससे पहले डोमिनिका की कोर्ट में ED ने कहा था कि मेहुल चोकसी भारतीय नागरिक है, इसलिए उसे भारत को सौंपा जाना चाहिए। बता दें कि डोमिनिका की कोर्ट ने 2 जून तक चौकसी के प्रत्यर्पण पर रोक लगा रखी थी। चौकसी ने डोमिनिका में उसकी गिरफ्तारी को भी चुनौती दे रखी थी।

23 मई को एंटीगुआ से लापता हुआ था मेहुल
मेहुल को डोमिनिका के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन यह पता नहीं चल सका है कि उसे क्या परेशानी है। मेहुल इस समय एंटीगुआ का निवासी है। वो 23 मई को गायब हो गया था। 25 मई को उसे डोमिनिका में पकड़ा गया था। इस बीच डोमिनिका जेल से मेहुल की कुछ तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें उसकी आंखों और हाथों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। रविवार को एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने बया दिया था कि मेहुल चौकसी शायद गर्लफ्रेंड के साथ रोमांटिक ट्रिप पर डोमिनिका गया था, लेकिन वहां उसे पकड़ लिया गया। हालांकि चौकसी के वकील मार्श वेन ने आरोप लगाया था कि उसके मुवक्किल को अपहरण करके डोमिनिका लाया गया है। उसे मारापीटा गया। इसके पीछे दो भारतीय एजेंट्स का जिक्र किया गया था। कहा गया कि वो दोनों लंदन जा चुके हैं।

डोमिनिका में राजनीति गर्माई
मेहुल चोकसी को लेकर डोमिनिका में राजनीति गर्मा गई है। विपक्ष के नेता लिनॉक्स लिंटन ने अपने देश की सरकार पर आरोप लगाया है कि उसकी और मेहुल की सांठगांठ है। वो जिस तरह से एंटीगुआ से गायब होकर डोमिनिका में मिला, उसे संदेह पैदा होता है। वहीं, एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन यहां तक आरोप लगा चुके हैं कि मेहुल चोकसी उनके देश की विपक्षी पार्टियों को फंडिंग कर रहा है,ताकि उनकी सरकार जाए और फिर उसे एंटीगुआ में रहने से नहीं रोका जा सके।

मेहुल की यह है कहानी
मेहुल चौकसी पर PNB में 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। मेहुल ने 2013 में शेयर बाजार में हेराफेरी करके यह फ्रॉड किया था। उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट निकला हुआ है, लेकिन इस बीच वो एंटीगुआ भाग निकला। जांच एजेंसियों ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी अब तक 2,500 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। मेहुल ने एंटीगुआ और बारबुडा में काफी बड़ा निवेश कर रखा है। उसने वहां की नागरिकता ले ली है। उसे नवंबर, 2017 में कैरेबियाई राष्ट्र द्वारा निवेश कार्यक्रम के तहत नागरिकता दी थी। हालांकि अब उसकी नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया चल रही थी। माना जा रहा है कि इसके बाद मेहुल को भारत को सौंप दिया जाता। मार्च में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया था कि भगोड़े विजया माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को जल्द भारत लाया जाएगा। वे राज्यसभा में बीमा संशोधन विधेयक पर एक बहस का जवाब दे रही थीं।

जनवरी, 2008 में देश छोड़ा था
मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) के वकील ने  जून, 2017 को बंबई हाई कोर्ट में सफाई दी थी कि हीरा कारोबारी इलाज के लिए एंटीगुआ गया है, न कि भागा है। चोकसी ने अपने वकील विजय अग्रवाल के जरिए कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा था कि उसने मेडिकल जांच और उपचार के लिए जनवरी 2018 में देश छोड़ा था। इसक बाद मेहुल लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देकर भारत लौटने में असमर्थता जताता रहा। चोकसी के अलावा उसका भतीजा नीरव मोदी भी पीएनबी घोटाले के आरोप हैं। ईडी और और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दोनों इनकी तलाश कर रही हैं।

इलाज के बहाने भारत से भागा था
मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) के वकील ने  जून, 2017 को बंबई हाई कोर्ट में सफाई दी थी कि हीरा कारोबारी इलाज के लिए एंटीगुआ गया है, न कि भागा है। चोकसी ने अपने वकील विजय अग्रवाल के जरिए कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा था कि उसने मेडिकल जांच और उपचार के लिए जनवरी 2018 में देश छोड़ा था। इसक बाद मेहुल लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देकर भारत लौटने में असमर्थता जताता रहा। चोकसी के अलावा उसका भतीजा नीरव मोदी भी पीएनबी घोटाले के आरोप हैं। ईडी और और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दोनों इनकी तलाश कर रही हैं। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था मेहुल की एंटीगुआ  और बारबूडा ने नागरिकता रद्द कर दी है। इस पर मार्च में उसके वकील विजय अग्रवाल ने सफाई दी थी कि यह मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है। अभी उसकी नागरिकता रद्द नहीं की गई है। वहां के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने भी तब कहा था कि मेहुल ने कानूनी रास्ता अपनाया है। इसलिए इस मामले को सुलझने में 7 साल लग जाएंगे।

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