46 साल बाद पुरी के जगन्नाथ मंदिर (Puri Jagannath Temple) के रत्न भंडार का गेट खोला गया। पहले कहा जाता था कि रत्न भंडार की सुरक्षा सांप करता है।

भुवनेश्वर। पुरी के जगन्नाथ मंदिर (Puri Jagannath Temple) के खजाने रत्न भंडार का गेट रविवार को 46 साल बाद खोला गया। इसके साथ ही उन कहानियों की सच्चाई से पर्दा उठ गया, जिसमें कहा जाता था कि रत्न भंडार की रखवाली सांप करता है। इसके अंदर से अजीब आवाजें आती हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

रत्न भंडार खोला गया तो कोई सांप नहीं मिला। कोई अजीब जीव या चीज नहीं मिली। पुरी के जिला कलेक्टर सिद्धार्थ शंकर स्वैन ने बताया है कि कोई सांप, कीड़ा या सरीसृप नहीं मिला है। खजाने में सांप के होने की कहानी के चलते जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में तैयारी की गई थी।

सांप पकड़ने के लिए स्नेक हेल्पलाइन के 11 सदस्यों को तैनात किया गया था। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल को एंटीवेनम का स्टॉक रखने के लिए कहा गया था। स्नेक हेल्पलाइन के महासचिव शुभेंदु मलिक ने बताया है कि रत्न भंडार खुलने के अंत तक हम पूरी तरह तैयार थे। हालांकि हमारी सेवाओं की जरूरत नहीं पड़ी। रत्न भंडार में कोई सांप नहीं मिला।

रिटायर जज बिस्वनाथ रथ बोले- फैलाई गईं थीं अफवाहें

राज्य सरकार ने जगन्नाथ मंदिर के कीमती सामानों की सूची की निगरानी के लिए 16 सदस्यीय समिति गठित की है। इसकी अध्यक्षता रिटायर जस्टिस बिस्वनाथ रथ कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि रत्न भंडार खुलने से पहले अनावश्यक प्रचार और दहशत फैलाई गई थी। अफवाहें फैलाई गईं कि रत्न भंडार खोलने वालों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। रत्न भंडार खुलने के बाद हम सभी (11 लोग) सुरक्षित हैं।

यह भी पढ़ें- 1978 के बाद पहली बार जगन्‍नाथ मंदिर के खजाने की ऑडिट शुरू, जानें 46 साल पहले क्या मिला था?

बढ़ाई गई जगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा

रत्न भंडार खोलने के चलते पुरी के जगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा बढ़ाई गई है। मंदिर के अंदर और आसपास सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है। रत्न भंडार की कीमती वस्तुओं की सूची बनाई जा रही है। सरकार ने राज्य और केंद्रीय बलों को तैनात किया है ताकि आभूषणों की शिफ्टिंग और ऑडिट पर कड़ी नजर रखी जा सके। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के कम से कम 85 जवान मंदिर के बाहर पहरा दे रहे हैं। मंदिर के अंदर राज्य पुलिस की पांच टुकड़ियां तैनात की गई हैं।

यह भी पढ़ें- क्या भगवान जगन्नाथ ने बचाई डोनाल्ड ट्रंप की जान? 48 साल पुरानी मदद का मिला इनाम, जानें पूरी बात