Asianet News HindiAsianet News Hindi

सिंधिया के सवाल पर झल्ला गए राहुल गांधी, कहा, उन्होंने विचारधारा को जेब में रख लिया, वहां सम्मान नहीं मिलेगा

जहां एक तरफ ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे। वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी ने उनपर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजनीतिक भविष्य का डर लग गया।

Rahul Gandhi said that Jyotiraditya Scindia will not get respect in BJP kpn
Author
New Delhi, First Published Mar 12, 2020, 6:16 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. जहां एक तरफ ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार भोपाल पहुंचे। वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी ने उनपर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजनीतिक भविष्य का डर लग गया। इसलिए उन्होंने विचारधारा की लड़ाई को अपनी जेब में डाल लिया।

"सिंधिया को सम्मान नहीं मिलेगा"
राहुल गांधी से पत्रकार ने सिंधिया के बारे में सवाल पूछा। पहले तो वे झल्ला गए। फिर बोले। फिर आप.. आप सुनना चाहते हैं ना. मैं बता देता हूं आप सुनना चाहते हैं ना। राहुल गांधी ने कहा कि यह विचारधारा की लगाई है। मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया को भलीभांति जानता हूं। हम दोनों एक साथ कॉलेज में पढ़े हैं। वो अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर डर गए हैं। इसलिए उन्होंने विचारधारा को अपनी जेब में रख लिया।

"सिंधिया बाद में समझ जाएंगे"
राहुल गांधी ने कहा, सिंधिया ने विचारधारा को अपनी जेब में रख लिया और आरएसएस के साथ चले गए। लेकिन वे समझ जाएंगे। मेरी तो ज्योतिरादित्य के साथ पुरानी दोस्ती है। लेकिन उनके दिल में और उनके मुंह से जो निकल रहा है दोनों अलग-अलग है। उनको जल्द ही एहसास होगा। वहां उनको सम्मान नहीं मिलेगा।

सरकार पर लगाया आरोप
राहुल गांधी ने कहा, स्टाक मार्केट में जो आज हुआ, जो कल हुआ लाखों लोगों का नुकसान हुआ, अर्थव्यवस्था की जो हालत है वो सबको दिख रही है। मैं कई दिनों कह रहा हूं कि कोरोना वायरस एक गंभीर समस्या है। सरकार ने इसपर भी जिस प्रकार से एक्शन लेना था वो नहीं लिया।

सिंधिया ने 10 मार्च को कांग्रेस से इस्तीफा दिया, 11 मार्च को भाजपा में शामिल
कांग्रेस में 18 साल तक रहने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 10 मार्च के दिन ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी है। उन्होंने अपने इस्तीफे की कॉपी को ट्वीट किया। हालांकि इस्तीफे में 9 मार्च की तारीख लिखी हुई थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने एक दिन पहले ही कांग्रेस छोड़ने का मन बना लिया था। काग्रेस छोड़ने के एक दिन बाद ही सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें सदस्यता दिलाई। भाजपा में शामिल होने के करीब 3 घंटे बाद ही उन्हें मध्य प्रदेश से भाजपा का राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर दिया गया।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios