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वायनाड में राहुल गांधी की ऑफिस में तोड़फोड़ SFI ने नहीं कांग्रेसियों ने की, राहुल के पीए समेत 4 अरेस्ट

पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में एक फोटोग्राफर के फोटोज को भी आधार बनाया। घटना के कुछ ही देर पहले वह घटनास्थल की फोटो लिया था। उस फोटो के अनुसार वहां केवल कांग्रेस व यूडीएफ के ही कार्यकर्ता मौजूद थे।

Rahul Gandhi Wayanad office vandalised by Congressmen not by SFI, Police arrested 4 including Congress ex chief PA, DVG
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Wayanad, First Published Aug 19, 2022, 5:08 PM IST

कल्पट्टा। वायनाड सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के कार्यालय में गांधी की photo तोडने की घटना में सांसद के पीए (Rahul Gandhi PA) समेत कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। राहुल गांधी के सांसद के निजी सहायक रतीश कुमार, कार्यालय के कर्मचारी राहुल एसआर, कांग्रेस कार्यकर्ता नौशाद और मुजीब को शुक्रवार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। केरल पुलिस के इस खुलासे के बाद विपक्ष ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Union Minister Rajeev Chandrashekhar) ने ट्वीट कर राहुल गांधी को घेरा है। उन्होंने कहा...यह चौंकाने से भी ज्यादा चौंकाने वाला है।

पहले एसएफआई के शामिल होने का लगा आरोप

राहुल गांधी के कलपट्टा कार्यालय (Kalpatta office in Wayanad) पर हमले व तोड़फोड़ के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ही आरोपों वाली एक रिपोर्ट पहले भी सामने आई थी। यह बताया गया कि यह एसएफआई कार्यकर्ता नहीं थे जिन्होंने कार्यालय में महात्मा गांधी की तस्वीर को नष्ट किया था। पुलिस फोटोग्राफर के फोटो और बयान के आधार पर एसपी की रिपोर्ट तैयार की गई थी। पुलिस के अनुसार कांग्रेस के ही लोगों ने महात्मा गांधी की तस्वीर को क्षतिग्रस्त किया था। पुलिस ने इस तथ्य से संबंधित तमाम सबूत व साक्ष्य होने का दावा किया है। 

दरअसल, पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में एक फोटोग्राफर के फोटोज को भी आधार बनाया। घटना के कुछ ही देर पहले वह घटनास्थल की फोटो लिया था। उस फोटो के अनुसार वहां केवल कांग्रेस व यूडीएफ के ही कार्यकर्ता मौजूद थे। फोटो के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कांग्रेस के ही कार्यकर्ताओं से पूछताछ करके इस घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार घटना के समय कार्यालय के अंदर केवल कांग्रेस और यूडीएफ के कार्यकर्ता ही थे। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय ली गई तस्वीर में कार्यालय अस्त-व्यस्त था और गांधी की तस्वीर जमीन पर पड़ी थी।

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