राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों की रिमांड मांगी है. अब तक कुल 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. मामले की जांच कर रही SIT जल्द ही सरकार को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप सकती है. शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के सबूत मिले हैं.

आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा

अयोध्या (उत्तर प्रदेश) [भारत] 17 जुलाई (एएनआई): अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी के मामले में दो आरोपियों, टिंकू यादव और मनीष यादव की सात दिन की पुलिस रिमांड के लिए स्थानीय अदालत का रुख किया है. पुलिस ने अपनी याचिका में इस बात पर जोर दिया है कि मामले की तह तक जाने के लिए दोनों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है. अयोध्या पुलिस ने बताया, "पुलिस ने अदालत को बताया कि साजिश का पर्दाफाश करने, पैसे के लेन-देन का पता लगाने और आगे के सबूत बरामद करने के लिए हिरासत में पूछताछ महत्वपूर्ण है."

बुधवार को, श्री राम जन्मभूमि मंदिर के लिए आए चंदे के कथित गबन के सिलसिले में गिरफ्तार दो और आरोपियों को अयोध्या की जिला जेल से बाहर लाया गया. अदालत ने पुलिस को हिरासत में पूछताछ के लिए 14 घंटे की रिमांड दी थी. इन आरोपियों की पहचान सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, जो एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी हैं और मंदिर के कैश-काउंटिंग ऑपरेशन की निगरानी करते थे, और रमाशंकर मिश्रा के रूप में हुई है. पुलिस अधिकारी दोनों को जेल से बाहर ले गए ताकि मंदिर के चंदे के कथित दुरुपयोग की जांच के तहत दिन भर की पूछताछ की जा सके.

अब तक, पुलिस ने चार अन्य आरोपियों, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से उनकी पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान पूछताछ की है. अयोध्या की अदालत ने सोमवार को राम मंदिर चंदा गबन मामले में सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी. आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए और उन्हें 27 जुलाई को फिर से पेश होना है.

SIT जल्द सौंपेगी फाइनल रिपोर्ट

इस बीच, सूत्रों ने बुधवार को बताया कि अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित गबन की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) अगले 24 से 48 घंटों (गुरुवार या शुक्रवार) के भीतर उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप सकती है. सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि SIT की जांच की समय सीमा अब और नहीं बढ़ाई जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई को SIT को 15 दिनों का विस्तार दिया था. यह विस्तार SIT को अपनी जांच का दायरा बढ़ाने और मामले के सभी पहलुओं की व्यापक जांच करने में सक्षम बनाने के लिए दिया गया था.

शुरुआती जांच में बड़े खुलासे

राम मंदिर चंदा विवाद पर SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली नजर में, 27 अप्रैल से 5 जून, 2026 के बीच सीसीटीवी में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं दर्ज की गईं और सीसीटीवी फुटेज में गिनती करने वाले कर्मचारियों को नकदी की गड्डियां छिपाते हुए देखा गया. प्रारंभिक रिपोर्ट में खामियों की ओर इशारा किया गया है और कहा गया है कि प्रवेश और निकास पर कोई तलाशी नहीं होती थी, निजी सामान पर खराब नियंत्रण था और कई दान पेटियों से नकदी की एक साथ गिनती उन कारणों में से थे, जिन्होंने इस अपराध को संभव बनाया.

रिपोर्ट में जांच से पहले कुछ कर्मचारियों से लगभग 78.94 लाख रुपये की वसूली का उल्लेख है. 4 जून, 2026 को गिनती कक्ष से जुड़े बाथरूम से कथित तौर पर 2.25 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि बरामद की गई थी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चांदी की ईंटों या अन्य कीमती चढ़ावे के गायब होने के बारे में सोशल मीडिया के दावों का समर्थन करने के लिए कोई प्रथम दृष्टया सबूत नहीं मिला है. (एएनआई)

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