प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)  रविवार को जम्मू गए थे। उन्होंने जिस जगह रैली की उससे 12 किलोमीटर दूर एक रहस्यमय विस्फोट हुआ था। पुलिस ने पहले धमाके की वजह उल्कापिंड का जमीन से टकराना बताया था। अब जानकारी सामने आई है कि विस्फोट स्थल से आरडीएक्स और नाइट्रेट कम्पाउंड के निशान मिले हैं।

जम्मू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) रविवार को जम्मू में एक सभा को संबोधित करने गए थे। वह जहां रैली करने वाले थे उसके पास ही एक धमाका हुआ था। पुलिस ने पहले धमाके की वजह उल्कापिंड का जमीन से टकराना बताया था, लेकिन अब जिस तरह की जानकारी सामने आ रही वह इसके पीछे आतंकी साजिश की ओर इशारा कर रही है। 

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विस्फोट स्थल से आरडीएक्स और नाइट्रेट कम्पाउंड के निशान मिले हैं। इनका इस्तेमाल अधिक घातक बम बनाने के लिए होता है। धमाका पीएम के रैली स्थल से 12 किलोमीटर दूर ललियाना गांव में हुआ था। सीएफएसएल की टीम ने विस्फोट स्थल से नमूने लिए हैं। धमाके की सही वजह जानने के लिए सीएफएसएल के विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।

पुलिस ने पहले किया था आतंकी हमले से इनकार
पुलिस ने शुरू में कहा था कि यह आतंकी हमला नहीं लगता है। मामले की जांच की जा रही है। हमें संदेह है कि यह उल्कापिंड हो सकता है या फिर हो सकता है कि जमीन पर बिजली गिरी हो। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। 

उन्होंने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जम्मू संभाग के सांबा जिले की पल्ली पंचायत में देशभर की ग्राम सभाओं को संबोधित किया। पीएम ने जम्मू-कश्मीर में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें बनिहाल-काजीगुंड सड़क सुरंग, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे और रतले और क्वार जलविद्युत परियोजनाएं शामिल हैं।

धमाके से पहले ग्रामीणों ने सुनी थी ड्रोन की आवाज
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार सार्वजनिक सभा के लिए रविवार को जम्मू गए थे। कहा जा रहा है कि आतंकी पीएम की रैली के दौरान वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। प्रधानमंत्री के रैली स्थल से सिर्फ 12 किलोमीटर दूर हुए इस रहस्यमय विस्फोट की सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं। 

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जम्मू के बिश्नाह इलाके में स्थित ललियान गांव के लोगों ने धमाके की आवाज सुनी थी। ग्रामीणों ने पीएम के जम्मू आने से करीब एक घंटे पहले धमाके की सूचना दी थी। गांव के लोगों ने कहा था कि धमाके से पहले उन्होंने ड्रोन उड़ने जैसी आवाज सुनी थी। विस्फोट से बने गड्ढे के सबसे नजदीक के मकान के निवासी ने बताया कि धमाके से घर के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। दीवारों में दरारें आ गईं और खिड़की के शीशे चकनाचूर हो गए।

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