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GOOD NEWS:जायडस कैडिला की एंटीबॉडी कॉकटेल ZRC-3308 के ट्रायल की सिफारिश, रॉश के बाद दूसरी दवा

भारत को एक और कॉकटेल ड्रग मिलने जा रही है। एक्सपर्ट कमेटी ने जायडस कैडिला (Zydus Cadila) के एंटीबॉडी कॉकटेल (ZRC-3308) के ट्रायल की सिफारिशें की है। इससे पहले रॉश इंडिया और सिप्ला की दवा को मंजूरी मिल चुकी है। ZRC-3308 दो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का एक कॉकटेल है। यह बॉडी में बनने वाले नेचुरल एंटीबॉडी की नकल करता है। यह कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकता है।

Recommendation for trial of antibody cocktail of another drug in India kpa
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New Delhi, First Published Jun 4, 2021, 7:42 AM IST
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नई दिल्ली. भारत में कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच एक अच्छी खबर है। रॉश इंडिया और सिप्ला की दवा के बाद वैक्सीन पर काम कर रही एक्सपर्ट कमेटी ने जायडस कैडिला (Zydus Cadila) के एंटीबॉडी कॉकटेल (ZRC-3308) के ट्रायल की सिफारिशें की है। इससे पहले रॉश इंडिया और सिप्ला की दवा को मंजूरी मिल चुकी है। हाल में कंपनी ने औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से इस एंटीबॉडी कॉकटेल के ट्रायल की मंजूरी मांगी थी। यह कॉकटेल कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों के लिए बनाई गई है।

संक्रमण से लड़ने में कारगर है यह कॉकटेल
जायडस हेल्थकेयर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ शरविल पटेल ने बताया कि यह दो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का एक कॉकटेल है। यह बॉडी में बनने वाले नेचुरल एंटीबॉडी की नकल करता है। यह कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकता है।

इससे पहले रॉश के एंटीबॉडी कॉकटेल को मिली थी मंजूरी
हाल में  रॉश (Roche) एंटीबॉडी कॉकटेल को कोरोना के इलाज में इस्तेमाल की मंजूरी मिली थी। सेन्ट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने Roche एंटीबॉडी कॉकटेल यानी दो दवाओं के मिश्रण को इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। 

क्या है एंटीबॉडी कॉकटेल 
रॉश (Roche) एंटीबॉडी-ड्रग कॉकटेल को कोरोना के खिलाफ बड़ा हथियार माना जा रहा है। एंटीबॉडी-ड्रग कॉकटेल Casirivimab और Imdevimab का मिश्रण है। इसमें दोनों एंटीबॉडी दवाएं हैं, जो किसी वायरस पर एक जैसा असर करती हो। इस दवा को स्विस कंपनी Roche ने Regeneron के साथ मिलकर बनाया है। 

कितनी कारगार है ये कॉकटेल
अमेरिका और यूरोप में रॉश (Roche) दवा को पहले ही अनुमति मिल चुकी है। यह दवा हल्के वा मध्यम संक्रमण पर काफी अच्छे से असर करती है। इस दवा के परिणाम भी अच्छे मिले हैं। यहां तक की बताया जा रहा है कि जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प संक्रमित हुए थे, उन्होंने भी इसी दवा का इस्तेमाल किया था। वे 4 दिन में ठीक हो गए थे। 

मरीजों पर किस तरह काम करती है ये दवा
रॉश (Roche) एंटीबॉडी कॉकटेल मोनोक्लोनल एंटीबॉडी आधारित है। यह लैब में बनाए गए प्रोटीन होते हैं, जो वायरस से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम की क्षमता की कॉपी करते हैं। यह दवा 12 साल से अधिक उम्र के लोगों पर इस्तेमाल की जा सकती है। जिनमें हल्के या मध्यम लक्षण हों और कोरोना की पुष्टि हुई हो। 

भारत में कैसे मिलेगी दवा
भारत में रॉश (Roche) एंटीबॉडी कॉकटेल के मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का अधिकार सिप्ला के पास है। भारत में मंजूरी मिलने के बाद इसका आयाता आसानी से हो सकेगा। 

Asianet News का विनम्र अनुरोधः आइए साथ मिलकर कोरोना को हराएं, जिंदगी को जिताएं...। जब भी घर से बाहर निकलें मास्क जरूर पहनें, हाथों को सैनिटाइज करते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वैक्सीन लगवाएं। हमसब मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतेंगे और कोविड चेन को तोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona

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