उत्तराखंड के हरिद्वार की रहने वाली रिद्धिमा ने पहले इंटरनेशनल क्लीन एयर डे फॉर ब्लू स्काई के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। रिद्धिमा पर्यावरण एक्टिविस्ट हैं और उन्होंने साफ हवा की जरूरत महसूस करते हुए यह पत्र लिखा कि जल्द अगर कुछ नहीं किया गया, तो सभी को एक ना एक दिन ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना पड़ सकता है।

हरिद्वार. उत्तराखंड के हरिद्वार की रहने वाली रिद्धिमा ने पहले इंटरनेशनल क्लीन एयर डे फॉर ब्लू स्काई के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। रिद्धिमा पर्यावरण एक्टिविस्ट हैं और उन्होंने साफ हवा की जरूरत महसूस करते हुए यह पत्र लिखा कि जल्द अगर कुछ नहीं किया गया, तो सभी को एक ना एक दिन ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना पड़ सकता है।

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दूसरे राज्यों और शहरों के बच्चों का हाल क्या होगा ? 
पीएम को लिखे ख़त में रिद्धिमा ने लिखा कि मुझे सिर्फ अपनी नहीं दूसरे राज्यों या दिल्ली जैसे अन्य शहरों में रहने वाले बच्चों की भी चिंता है क्योंकि उनपर इसका ज़्यादा असर पड़ता होगा।

किताबों के बैग में सिलेंडर ना हो 
अपनी व्यथा बताते हुए रिद्धिमा अपने पत्र में लिखती हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किताबों की जगह ऑक्सीजन सिलेंडर बच्चों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा न बन जाए, जिसे भविष्य में हमें अपने कंधों पर लेकर चलना पड़ सकता है।

हवा इतनी प्रदूषित कि स्कूल जाना एक बुरे सपने जैसा
रिद्धिमा लिखती हैं कि हर साल भारत के कई हिस्सों में हवा बहुत प्रदूषित हो जाती है। हमें इस बारे में सोचना जल्द कुछ होगा। घने शहरों में हवा बहुत ज्यादा प्रदूषित होने की वजह से यह लोगों के लिए यह बहुत ही खतरनाक है।

वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रदुषित होने वाला देश है भारत
भारत एयर पॉल्यूशन से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला देश है। आंकड़ों के मुताबिक भारत में आज 90 करोड़ टन कोयला, 40 करोड़ टन बायोमास, 20 करोड़ टन तेल और 5 करोड़ टन गैस की ऊर्जा की खपत होती है।

पिछले साल लिया से क्लीन एयर डे मनाने का फैसला किया था यूएन ने
संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली ने पिछले साल अपने 74वें सत्र के दौरान 'इंटरनेशनल क्लीन एयर डे फॉर ब्लू स्काई' मनाने का फैसला किया था। इसका सभी को साफ और शुद्ध हवा की अहमियत के बारे जागरूक करना है।