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Brandwatch List : सचिन तेंदुलकर ट्विटर पर 50 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल, मोदी नेताओं में नंबर वन

टीम इंडिया के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर इस साल ट्विटर पर 50 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल हैं। कंज्यूमर इंटेलिजेंस कंपनी ब्रांडवाच की एनुअल रिसर्च में यह जानकारी दी गई है।

Sachin Tendulkar Impressive Brand watch List Twitter
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Delhi, First Published Nov 9, 2021, 5:42 PM IST
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नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को इस साल ट्विटर के 50 प्रभावशाली लोगों की सूची में जगह मिली है। वे अमेरिकी अभिनेताओं ड्वेन जॉनसन और लियोनार्डो डि कैपरियो और अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा से ऊप}र हैं। अमेरिकी गायिका टेलर स्विफ्ट इस सूची में पहले नंबर पर हैं, जबकि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे स्थान पर हैं। नेताओं के मामले में मोदी लिस्ट में सबसे ऊपर हैं।
शोध में तेंदुलकर को इस सूची में शामिल करने के लिए उनके वंचित तबके के लोगों के लिए सराहनीय काम, उनके लिए आवाज उठाने और उचित अभियानों के लिए आगे रहने, उनके काम के बाद उनके प्रेरित प्रशंसकों और उनके साझेदार ब्रांड के प्रासंगिक प्रभावशाली अभियानों का हवाला दिया गया। सचिन एक दशक से अधिक समय से यूनिसेफ से जुड़े रहे हैं और 2013 में उन्हें दक्षिण एशिया का दूत नियुक्त किया गया था। तेंदुलकर ने ग्रामीण और शहरी भारत दोनों जगह स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल के क्षेत्रों में कई पहल का समर्थन किया है। 

1988 में शुरुआत, पहले मैच में ठोंका था शतक 
तेंदुलकर ने रणजी करियर की शुरुआत 14 नवंबर, 1987 को की थी। हालांकि, उस वक्त वह सिर्फ एक विकल्प थे। उन्होंने दिसंबर 1988 में अपनी वास्तविक शुरुआत की और डेब्यू  मैच में नाबाद 100 रन बनाए। वह 583 के औसत से 67.77 रन बनाकर बॉम्बे के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। सचिन ने अपने तीनों घरेलू टूर्नामेंट डेब्यू- रणजी, ईरानी और दलीप ट्रॉफी में शतक बनाए हैं।

1989 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू 
1989 में तेंदुलकर ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे में डेब्यू किया था। वह दोनों फॉर्मेट में भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए थे। सचिन 1996 के विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। वह 2003 विश्व कप में भी मैन ऑफ द टूर्नामेंट थे।
खेल के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक, सचिन तेंदुलकर को कप्तान के रूप में कभी ज्यादा सफलता नहीं मिली। इसलिए उन्होंने कप्तानी से दूर रहने का फैसला किया। अपने लंबे करियर के दौरान उनके प्रदर्शन में कुछ उतार-चढ़ाव आए। हालांकि, उन्होंने हमेशा मजबूत वापसी की।

2013 में संन्यास 
16 नवंबर, 2013 को सचिन तेंदुलकर के 24 साल लंबे और शानदार क्रिकेट (Cricket) करियर का अंत हो गया। उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच दिसंबर 2012 में और टी-20 मैच अक्टूबर 2013 में खेला था। 16 नवंबर 2013 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच उनका विदाई मैच था। 

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