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SC को मिलेंगी 3 नई महिला जस्टिस; CJ रमना की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम के सभी 9 नामों को सरकार ने दी मंजूरी

देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट(Supreme court) को जल्द 3 महिला जज मिल जाएंगी। केंद्र सरकार ने चीफ जस्टिस(CJI) रमना की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की तरफ से भेजे गए सभी 9 नामों को मंजूरी दे दी है।
 

SC judgeship, Govt clears all names recommended by CJI Ramana led collegium
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New Delhi, First Published Aug 26, 2021, 11:31 AM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट को जल्द 3 महिला जज मिलने वाली हैं। केंद्र सरकार ने चीफ जस्टिस(CJI)एनवी रमना की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की तरफ से भेजे गए सभी 9 नामों को मंजूरी दे दी है। इनमें ये तीन महिला जज भी शामिल हैं। इस समय सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ एक महिला जज हैं। पिछले दिनों दूसरी महिला जज इंदु मल्होत्रा रिटायर हो चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट में जजों के कुल 34 पद हैं। अब इन नियुक्तियों के बाद 33 पद भर जाएंगे।

देश को मिल सकती है पहली चीफ जस्टिस
इन नियुक्तियों के बाद सितंबर, 2027 में जस्टिस नागरत्ना के रूप में भारत को पहली महिला चीफ जस्टिस मिल सकती है। जो नाम भेजे गए हैं, उनमें विक्रम नाथ, जस्टिस बीवी नागरत्ना और पीएस नरसिम्हा के भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने की संभावनाएं हैं। भारत के इतिहास में अभी तक कोई भी महिला चीफ जस्टिस की कुर्सी तक नहीं पहुंची है।

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इंद्रा बनर्जी अगले साल रिटायर हो रही हैं
जस्टिस इंदु मल्होत्रा पहले ही रिटायर हो चुकी हैं, जबकि जस्टिस इंद्रा बनर्जी अगले साल रिटायर हो रही हैं। ये 2018 में नियुक्त हुई थीं। बता दें कि1989 में नियुक्त जस्टिस फातिमा बीवी सुप्रीम कोर्ट की पहली, जबकि न्यायमूर्ति सुजाता वी मनोहर दूसरी जस्टिस थीं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया था। सुजाता को 1994 में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया था। न्यायाधीश रूमा पाल 2000 में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त हुई थीं।

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क्या है कॉलेजियम
यह जस्टिस की नियुक्ति और ट्रांसफर की  प्रणाली है, जो संसद के किसी अधिनियम या संविधान के प्रावधान द्वारा स्थापित न होकर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के माध्यम से विकसित हुई है। 

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