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मौत को पास आते देख घबरा रहे हैं निर्भया के दोषी, अब फिर से लगा बड़ा झटका

फांसी की तारीख तय होने के बाद निर्भया के दोषी डरे हुए हैं। वह हर कोशिश कर रहे हैं कि कैसे मौत से बच जाएं। दोषी मुकेश ने अपनी पूर्वी वकील वृंदा ग्रोवर पर जबरदस्ती क्यूरेटिव पिटीशन पर साइन कराने का आरोप लगाया था, जिसपर जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया।

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New Delhi, First Published Mar 7, 2020, 5:04 PM IST
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नई दिल्ली. फांसी की तारीख तय होने के बाद निर्भया के दोषी डरे हुए हैं। वह हर कोशिश कर रहे हैं कि कैसे मौत से बच जाएं। दोषी मुकेश ने अपनी पूर्वी वकील वृंदा ग्रोवर पर जबरदस्ती क्यूरेटिव पिटीशन पर साइन कराने का आरोप लगाया था, जिसपर जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया।

सोमवार को सुनवाई की मांग की थी

दोषी मुकेश के वकील एम एल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से जल्द सुनवाई की गुहार लगाई थी। वकील ने मांग की थी कि मामले की सुनवाई सोमवार को की जाए।

कोर्ट ने कहा, 16 मार्च को होगी सुनवाई

मुकेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया। दोषी मुकेश के वकील एम एल शर्मा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट 16 मार्च को इस मामले की सुनवाई करेगा।

दोषियों को 20 मार्च को फांसी होगी?

निर्भया के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट ने नया डेथ वॉरंट जारी किया है, जिसके मुताबिक, 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी।

क्या है निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड?

दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।

कौन हैं निर्भया के चारों दोषी?

निर्भया (Nirbhaya) के पहले दोषी का नाम अक्षय ठाकुर है। यह बिहार का रहने वाला है। इसने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और दिल्ली चला आया। शादी के बाद ही 2011 में दिल्ली आया था। यहां वह राम सिंह से मिला। घर पर इस पत्नी और एक बच्चा है। दूसरे दोषी को नाम मुकेश सिंह है। यह बस क्लीनर का काम करता था। जिस रात गैंगरेप की यह घटना हुई थी उस वक्त मुकेश सिंह बस में ही सवार था। गैंगरेप के बाद मुकेश ने निर्भया और उसके दोस्त को बुरी तरह पीटा था। तीसरा दोषी पवन गुप्ता है। पवन दिल्ली में फल बेंचने का काम करता था। वारदात वाली रात वह बस में मौजूद था। पवन जेल में रहकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है। चौथा दोषी विनय शर्मा है। विनय जिम ट्रेनर का काम करता था। वारदात वाली रात विनय बस चला रहा था। इसने पिछले साल जेल के अंदर आत्‍महत्‍या की कोशिश की थी लेकिन बच गया।

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