दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस का एक्जीक्यूटिव कोच रहस्यमय तरीके से गायब हो गया, जिससे ट्रेन लेट हो गई और यात्री परेशान। रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही से हुआ यह वाकया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

नई दिल्ली. शताब्दी एक्सप्रेस अपने तय समय पर चलने वाली थी। यात्री समय पर ट्रेन में सवार हो गए थे। कई लोग जल्दी-जल्दी में आकर ट्रेन में चढ़े। अब ट्रेन के चलने का समय हो गया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी ट्रेन नहीं चली। यात्री आपस में बातें करने लगे कि ये क्या हो रहा है? ट्रेन के दरवाजे के पास बैठे यात्री उतरकर देखने लगे। कुछ कर्मचारी, स्टेशन मास्टर, रेलवे पुलिस भी वहाँ जमा हो गए। जब पूछताछ की गई तो यात्रियों को हैरानी हुई। कारण, शताब्दी एक्सप्रेस का पूरा डिब्बा गायब था। इसलिए ट्रेन समय पर नहीं चल पाई।

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यह कोई मज़ाक नहीं, बल्कि सच्ची घटना है। दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस, दिल्ली रेलवे स्टेशन पर खड़ी थी और सभी यात्री उसमें बैठे थे। 7:20 का समय बीत गया, लेकिन ट्रेन नहीं चली। इसलिए यात्री ट्रेन से उतरकर पूछताछ करने लगे। पहले तो तकनीकी कारण बताया गया, लेकिन जब यात्रियों का गुस्सा बढ़ा तो रेलवे कर्मचारियों ने असली बात बताई। उन्होंने बताया कि दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस का एक्जीक्यूटिव कोच गायब है। यह कैसे हो सकता है?

रेलवे कर्मचारियों ने माना कि शताब्दी एक्सप्रेस का डिब्बा गायब है। कर्मचारियों की गलती से रेलवे इतिहास में यह एक बुरी घटना बन गई। एक्जीक्यूटिव कोच की जाँच की गई थी। रेलवे मैकेनिक और तकनीकी कर्मचारियों ने जाँच की थी, लेकिन बाद में डिब्बे को शताब्दी एक्सप्रेस में जोड़ना भूल गए। यह एक बड़ी गलती थी।

ट्रेन के चलने के समय ही पता चला कि ट्रेन का एक डिब्बा गायब है। चलने के समय कर्मचारियों ने डिब्बे को जोड़ने की कोशिश की, जिससे ट्रेन लेट हो गई। यह जानकारी मिलने पर यात्री और भी नाराज़ हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई अधिकारियों से शिकायत की। 7:20 बजे चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस 8:30 बजे तक भी नहीं चली। डिब्बा जोड़ने के बाद ट्रेन काफी देर से चली, जिससे यात्रियों ने नाराजगी जताई।

यात्रियों ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों के बीच सही संवाद न होने के कारण यह हुआ। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों, अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों के बीच संवाद की कमी है और कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन का डिब्बा गायब होने की यह पहली घटना है। अब यात्रियों के साथ-साथ नेटिज़न्स भी रेलवे अधिकारियों को ट्रोल कर रहे हैं।

तकनीकी कारणों, ट्रैक की समस्या, रेलवे कर्मचारियों, लोको पायलट की समस्या आदि के कारण ट्रेनें लेट होती रही हैं, लेकिन अब तक ट्रेन का डिब्बा गायब होने का कोई उदाहरण नहीं था। लेकिन अब भारतीय रेलवे की यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग मीम्स के जरिए इसे ट्रोल कर रहे हैं।