नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच मध्य प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और नए निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने श्रम सुधारों की घोषणा की है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि श्रम सुधारों का उद्देश्य रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना, श्रमितों के हितों की रक्षा करना और कोविड महामारी से प्रभावित उद्योगों और व्यवसायों को दोबारा पटरी पर लाना है।

  • सुबह 6 से रात 12 बजे तक खुलेंगी दुकान
    अभी तक प्रदेश में सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक ही दुकान खुलती थी, लेकिन दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन किया गया है। अब प्रदेश में दुकान सुबह 6 बजे से रात 12 बजे खुलेंगी। इससे दुकानों के सामने अनावश्यक भीड़ नहीं होगी और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सकेगा। 
  • एक शिफ्ट में 8 के बदले 12 घंटे का काम
    "कोविड महामारी के दौरान कारखानों में काम करने की पारियों (शिफ्ट) का अवधि 8 घंटे से बढ़ाकर अब 12 घंटे कर दी गई है। हफ्ते में 72 घंटे तक ओवरटाइम की अनुमति दी गई है।" 
  • 3 महीने के लिए कारखानों को फैक्ट्री निरीक्षण से मुक्ति
    "3 महीने के लिए कारखानों कौ फैक्ट्री इंस्पेक्टर के निरीक्षण से मुक्ति दी गई है। नियोजक खुद अपने द्वारा चुने गए तृतीय पक्ष के निरीक्षकों से कारखाने का निरीक्षण करा सकेंगे।" 
  • एक दिन में होगा पंजीयन और लाइसेंस का काम
    शिवराज सिंह चौहान ने बताया, "पंजीयन और लाइसेंस का काम पहले 30 दिन में होता था, लेकिन अब एक दिन में होगा। इससे कारखानों दुकानों, ठेकेदारों, बीड़ी निर्माताओं, मोटर परिवहन कर्मकार, मध्यप्रदेश भवन तथा अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम में आने वाली निर्माण एजेंसियों का पंजीयन/लाइसेंस एक दिन में मिलेगा।"
  • लाइसेंस नवीनीकरण एक साल की बजाय दस साल
    शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "कारखाना लाइसेंस नवीनीकरण अब एक साल की बजाय 10 साल में कराये जाने का प्रावधान किया गया है। ठेका श्रम अधिनियम में कैलेण्डर वर्ष की जगह संपूर्ण ठेका अवधि के लिए लाइसेंस जारी किया जाएगा।"
  • स्टार्टअप के लिए सिर्फ एक बार पंजीयन की जरूरत
    "स्टार्टअप उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सिर्फ एक बार पंजीयन कराना होगा। नवीनीकरण करवाने की जरूरत नहीं होगी। नवीनीकरण के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है।"
  • एक ही रजिस्टर, एक ही रिटर्न
    "कारखानों में काम की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए श्रम कानूनों के अंतर्गत 61 रजिस्टर रखने और 13 रिटर्न दाखिल करने की जगह एक ही रजिस्टर और एक ही रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था की गई है।"