भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार रात 9 बजे चौथी बार शपथ ली। जिसके बाद आज मंगलवार को अपने चौथे कार्यकाल के लिए उन्होंने विधानसभा में सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव जीता। इस दौरान कांग्रेस का एक भी विधायक मतदान के समय विधानसभा में मौजूद नहीं था। सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। 20 मार्च को कमलनाथ के इस्तीफे के बाद सीएम पद की दौड़ में शिवराज ही सबसे मजबूत दावेदार थे। मध्यप्रदेश के इतिहास में पहला मौका है, जब किसी नेता ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 

4 दिन चलेगा विधानसभा का सत्र 

सत्ता संभालने के बाद शिवराज सिंह चौहान एक्शन मोड में आ गए और उन्होंने विधानसभा का सत्र बुलाया। जहां उन्होंने विश्वासमत साबित किया। यह सत्र 27 मार्च तक चलेगा। 4 दिन चलने वाले इस सत्र में कुल 3 बैठकें होंगी। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2020-21 का लेखानुदान भी पेश किया जाएगा। वर्तमान विधानसभा का यह छठा सत्र होगा। 

आधी रात को स्पीकर ने दिया इस्तीफा 

शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उन्होंने सीएम पद की शपथ ली। जिसके बाद सोमवार की रात स्पीकर एनपी प्रजापति ने इस्तीफा दे दिया। विधानसभा उपाध्यक्ष को भेजे अपने इस्तीफे में इसके लिए नैतिकता को आधार बनाया गया है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने 16 मार्च को कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 26 मार्च तक के लिए विधानसभा को स्थगित कर दिया था। 

24 सीटों पर 6 महीने में चुनाव होंगे

विधानसभा में 230 सीटें हैं। 2 विधायकों के निधन के बाद 2 सीटें पहले से खाली हैं। सिंधिया समर्थक कांग्रेस के 22 विधायक बागी हो गए थे। इनमें 6 मंत्री भी थे। स्पीकर एनपी प्रजापति इन सभी के इस्तीफे मंजूर कर चुके हैं। इस तरह कुल 24 सीटें अब खाली हैं। इन पर 6 महीने में चुनाव होने हैं।

मोदी ने 4 बार शिवराज से बात की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चार बार बात की। इसके बाद शिवराज को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया गया। मोदी ने शिवराज को कल ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि उन्हें मुख्यमंत्री पद संभालना है। सोमवार सुबह गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने बैठक की और इस फैसले को अंतिम रूप दिया। 

रात 9 बजे हुआ शपथ ग्रहण

मध्य प्रदेश में सोमवार रात भारतीय जनता पार्टी ने फिर से सरकार बना ली। मध्य प्रदेश बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना, जिसके बाद शिवराज सिंह ने चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।  राजभवन की ओर से मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के लिए रात 9 बजे का वक्त दिया गया था। शिवराज सिंह चौहान ने रात 9 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 

चौथी बार सीएम बने शिवराज

शिवराज सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की चौथी बार शपथ ली। उन्होंने सीएम पद की शपथ लेने के बाद चौथी बार मध्य प्रदेश की कमान संभाली है। पहली बार वह 29 नवंबर 2005 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद वह 12 दिसंबर 2008 में दूसरी बार सीएम बने। 8 दिसंबर 2013 को उन्होंने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी।