Delhi Meerut Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में मेरठ मेट्रो और नमो भारत RRTS का उद्घाटन किया, जिससे दिल्ली-मेरठ के बीच सफर अब सिर्फ 50 मिनट में पूरा होगा। 82 किमी लंबे इस कॉरिडोर के पूरी तरह चालू होने से NCR में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

Delhi Meerut Metro and Namo Bharat RRTS Inauguration: दिल्ली और मेरठ के बीच सफर करने वालों के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) मेरठ के शताब्दी नगर में मेरठ मेट्रो (Meerut Metro) और नमो भारत (Namo Bharat RRTS) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही करीब 12,930 करोड़ की विकास परियोजनाओं को भी शहर को सौगात देंगे। यह कार्यक्रम 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर (Delhi–Meerut Namo Bharat Corridor) के पूरी तरह संचालन और मेरठ मेट्रो की शुरुआत का प्रतीक होगा। खास बात यह है कि दोनों सर्विसेज एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर साथ चलेंगी, जो देश में पहली बार हो रहा है।

Namo Bharat RRTS: सफर होगा सुपरफास्ट

नमो भारत RRTS के शुरू होने से दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। इससे सराय काले खां से शताब्दी नगर तक लगभग 50 मिनट, सराय काले खां से बेगमपुल करीब 54 मिनट और सराय काले खां से मोदीपुरम तक करीब 58 मिनट का समय लगेगा। जहां सड़क से यही सफर ट्रैफिक के हिसाब से 1.5 घंटे या उससे ज्यादा लेता है, वहीं अब यह दूरी एक घंटे से भी कम में पूरी होगी।

कितनी होगी स्पीड?

इस ट्रेन की टॉप स्पीड 180 प्रति घंटे और ऑपरेशनल स्पीड 160 किमी प्रति घंटे होगी। यह भारत की पहली रीजनल रैपिट ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) है, जो इंटरसिटी ट्रैवल को नई परिभाषा देगी।

रूट्स और प्रमुख स्टेशन

82 किमी का यह कॉरिडोर दिल्ली और उत्तर प्रदेश को जोड़ता है। दिल्ली में 5 किमी का हिस्सा सराय काले खां से न्यू अशोक नगर, मेरठ में 21 किमी होगी, जो मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक होगी। प्रमुख स्टेशन सराय काले खां (मल्टी-मोडल हब, रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी), शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम है।

कैसे बदलेगी NCR की लाइफ?

  • मेरठ में रहकर दिल्ली में नौकरी करना आसान
  • छात्रों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी
  • बिजनेस और स्टार्टअप के लिए नए अवसर
  • रोड ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी
  • वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होगा

Meerut Metro: शहर के अंदर भी मिलेगा सुपरफास्ट सफर

मेरठ मेट्रो भी आज से मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच शुरू होगी। देश में पहली बार RRTS और मेट्रोल एक ही ट्रैक पर होगी, जो 21 किमी कॉरिडोर है। इस बीच 12 स्टेशन है। सफर का समय करीब 30 मिनट होगा। इसकी अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड करीब 120 किमी प्रति घंटे होगी। यह भारत की सबसे तेज मेट्रो में से एक है।

ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?

  • फुली एसी 3 कोच ट्रेन
  • 700 से ज्यादा पैसेंजर्स की क्षमता
  • 173 सीटेड पैसेंजर
  • महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए रिजर्व सीटें
  • USB चार्जिंग पोर्ट
  • CCTV कैमरे
  • लगेज रैक
  • एनर्जी एफिशिएंसी और री-जेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्मट
  • ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन और ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन टेक्नोलॉजी