5 जनवरी को जेएनयू में छात्रों पर नकाबपोशों के हमलों को लेकर दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पुलिस ने बताया कि ये विवाद 3 और 4 जनवरी को रजिस्ट्रेशन को लेकर शुरू हुआ था।

नई दिल्ली. 5 जनवरी को जेएनयू में छात्रों पर नकाबपोशों के हमलों को लेकर दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पुलिस ने बताया कि ये विवाद 3 और 4 जनवरी को रजिस्ट्रेशन को लेकर शुरू हुआ था। जेएनयू में विंटर रजिस्ट्रेशन का AISF, AISA, SFI और DSF के लोग विरोध कर रहे हैं जबकि ज्यादातर स्टूडेंट्स रजिस्ट्रेशन कराना चाहते थे। पुलिस का दावा है कि इस हमले में 4 लेफ्ट संगठन शामिल हैं।

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पुलिस के इस खुलासे के बाद भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री ने लेफ्ट संगठनों पर निशाना साधना शुरू कर दिया। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर कहा, JNU हिंसा में लेफ्ट बेनकाब हुआ। उन्होंने टैक्सपेयर्स के पैसों से बनी सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट किया, नए छात्रों का रजिस्ट्रेशन रोक दिया, कैंपस को राजनीतिक युद्ध के लिए इस्तेमाल किया।

हिंसा के पीछे वामपंथी संगठन की साजिश थी- जावड़ेकर
उधर, दिल्ली पुलिस के खुलासे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी लेफ्ट संगठनों पर हमला किया। उन्होंने कहा, आज की पुलिस कांफ्रेंस ने स्थापित कर दिया कि पिछले 5 दिनों से जो कहा जा रहा था कि इस हिंसा में एबीवीपी, भाजपा और अन्य लोग दोषी है लेकिन यह बात सच नहीं थी। यह वामपंथी संगठन हैं जिन्होंने सोची समझी हिंसा, सीसीटीवी और सर्वर नष्ट किया।

5 जनवरी को हुई थी हिंसा
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार 5 जनवरी की शाम 4 बजे कुछ नकाबपोश हॉस्टल में घुस आए। उनके पास रॉड और डंडे थे। आरोप है कि उन्होंने जेएनयू छात्रों को बुरी तरह से पीटा। लेफ्ट संगठन और एबीवीपी एक दूसरे पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं। घायल छात्र-छात्राओं को एम्स में भर्ती कराया गया था।