स्मृति ईरानी ने अपनी पेंशन और सरकारी सुविधाएं राष्ट्रीय रक्षा कोष में दान करने का एलान किया है। उन्होंने तुर्की और अज़रबैजान के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने के फैसले की भी सराहना की।

टीवी एक्ट्रेस और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने देश के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, जिसकी चारों ओर प्रशंसा हो रही है। 'सॉलिडैरिटी विद इंडियन आर्म्ड फोर्सेस' कार्यक्रम में स्मृति ईरानी ने इस बात का खुलासा किया। उन्होंने अपनी पेंशन और सरकार से मिलने वाली अन्य सुविधाएं राष्ट्रीय रक्षा कोष में दान करने की घोषणा की। 'भारत के नागरिकों और अखिल भारतीय व्यापारियों के संघ' की रणनीतिक सलाहकार भी रहीं स्मृति ईरानी ने कहा कि वो अपनी पेंशन राष्ट्रीय रक्षा कोष में दान करेंगी। उन्होंने बताया, "पिछले एक साल से, पूर्व सांसद होने के नाते, मैंने पेंशन या कोई अन्य सुविधा नहीं ली है। ये भारत के खजाने का पैसा है, जिसे मैं आज राष्ट्रीय रक्षा कोष को समर्पित कर रही हूँ।"

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इसके साथ ही, स्मृति ईरानी ने पाकिस्तान को समर्थन देने के कारण तुर्की और अज़रबैजान के साथ सभी व्यापारिक समझौतों को समाप्त करने के अखिल भारतीय व्यापारियों के फैसले की भी सराहना की। कल उनकी अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। इस बारे में स्मृति ने कहा कि यह कदम दिखाता है कि भारत अपने बहादुर बेटे-बेटियों का समर्थन करता है जो देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं।

स्मृति ईरानी ने अपने बयान में कहा कि बहिष्कार के जरिए व्यापारिक संस्थाएं भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रही हैं। साथ ही, यह 'मेक इन इंडिया' के सपने को साकार करने के लिए समर्पित है। इसके साथ ही, ईरानी ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में छोटे व्यापारियों की भूमिका के बारे में भी बताया।

भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के दौरान, तुर्की और अज़रबैजान ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया था। जिसके बाद भारत ने दोनों देशों के साथ अपने सभी संबंध खत्म कर दिए। खास बात यह है कि हाल ही में इन दोनों देशों में भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। लेकिन इन दोनों देशों का समर्थन अब उन पर सीधा असर डाल सकता है। स्मृति ईरानी ने कहा कि बहिष्कार के जरिए व्यापारिक संघ भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहा है और 'मेक इन इंडिया' के सपने को साकार करने की कोशिश कर रहा है।