कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने, कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते आ रहे आर्थिक संकट के बारे में लिखा है। साथ ही उन्होंने इस पत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की समस्याओं के बारे में लिखा है। इसके अलावा उन्होंने इन समस्याओं को दूर करने के लिए पांच सुझाव भी दिए हैं।

नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने, कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते आ रहे आर्थिक संकट के बारे में लिखा है। साथ ही उन्होंने इस पत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की समस्याओं के बारे में लिखा है। इसके अलावा उन्होंने इन समस्याओं को दूर करने के लिए पांच सुझाव भी दिए हैं।

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कांग्रेस ने इस पत्र को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है। इस पत्र में सोनिया गांधी ने लिखा, लॉकडाउन से एक दिन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME सेक्टर) को 30 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। MSME को जो ऑर्डर मिले थे। वे भी खत्म हो चुके हैं। इसका असर उनके कामकाज पर भी दिखेगा।

11 करोड़ लोगों की नौकरी जाने का खतरा
इस सेक्टर से करीब 11 करोड़ लोग जुड़े हैं। ऐसे में आर्थिक संकट ने इस सेक्टर को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इस सेक्टर से जुड़े 11 करोड़ लोगों की नौकरी जाने का खतरा मंडरा है। ऐसे में सरकार को कई ऐसे कदम उठाने की जरूरत है, जिससे यह संकट खत्म हो सके।

सोनिया गांधी ने दिए ये सुझाव

1- सोनिया ने अपने सुझाव में कहा- MSME सेक्टर के लिए 1 लाख करोड़ के पैकेज दिया जाए। इससे नौकरी बचेंगी और लोगों का मनोबल बना रहेगा। 

2- इसके अलावा सोनिया ने पीएम मोदी को सुझाव दिया, MSME सेक्टर के लिए 1 लाख करोड़ के क्रेडिट गारंटी फंड का निर्माण किया जाना चाहिए। इससे इस सेक्टर में सेक्टर में लिक्विडिटी के साथ साथ पर्याप्त पूंजी भी पहुंच जाएगी। इसका इस्तेमाल जरूरत के वक्त किया जा सकेगा। 

3- उन्होंने अपने तीसरे सुझाव में कहा, आरबीआई ने जो कदम उठाए हैं, उन्हें कमर्शियल बैंकों में कामकाज में भी दिखना चाहिए, जिससे MSME सेक्टर के लिए समय पर और आसानी से क्रेडिट मिल सके। इसके अलावा मंत्रालय द्वारा 24*7 हेल्पलाइन नंबर जारी करना चाहिए।

4- इसके अलावा उन्होंने कहा, MSME सेक्टर को लोन या किश्त चुकाने के लिए तीन महीने के निर्धारित मोरेटोरियम से अतिरिक्त समय मिले। 

5- इसके अलावा उन्होंने सुझाव दिया है कि इस सेक्टर से मिलने वाले पैसे के लिए सक्रूटनी आसान की जाए।

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