उत्तर पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हुई हुई हिंसा (Jahangirpuri violence) का मामला अभी पूरी तरह से ठंडा भी नहीं पड़ा था कि 7 जून की रात यहां फिर कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया। इन लोगाों ने कुछ व्हीकल्स के कांच तोड़ दिए। हंगामा काफी देर तक चलता रहा। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

नई दिल्ली. उत्तर पश्चिमी दिल्ली का जहांगीरपुरी इलाका एक फिर बदनाम हुआ है। जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हुई हुई हिंसा (Jahangirpuri violence) का मामला अभी पूरी तरह से ठंडा भी नहीं पड़ा था कि 7 जून की रात यहां फिर कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया। इन लोगाों ने कुछ व्हीकल्स के कांच तोड़ दिए। हंगामा काफी देर तक चलता रहा। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि उनकी पहचान विशाल (18) और वीरू (18) के रूप में हुई है। दोनों लखी पार्क, जहांगीरपुरी के निवासी हैं।

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शराब पीकर किया हंगामा
पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने शराब के नशे में उपद्रव किया। पुलिस ने कहा कि यह घटना उस समय हुई, जब जहीर विशाल और वीरू सहित अपने दोस्तों के साथ दो-तीन दिन पहले एक अन्य गुट के सदस्यों के साथ हुई बहस का बदला लेने के लिए एक रिहायशी इलाके में गया था। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (उत्तर पश्चिम) उषा रंगनानी ने बताया कि मंगलवार को रात करीब 10.45 बजे महेंद्र पार्क थाने में झगड़े, पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के संबंध में दो पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। पूछताछ में पता चला कि जहीर नाम का एक व्यक्ति अपने कुछ दोस्तों के साथ जहांगीरपुरी के आई ब्लॉक में समीर और शोएब की तलाश में गया था, जिसके साथ दो-तीन दिन पहले उसकी बहस हुई थी। ये सभी नशे में थे और जब वे उन्हें नहीं ढूंढ पाए, तो उन्होंने पथराव किया। इससे तीन गाड़ियों के कांच टूट गए। 

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फसाद के पीछे साम्प्रदायिक मुद़्दा नहीं
पुलिस ने कहा कि इस झगड़े में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है, क्योंकि दोनों ही गुट एक ही समुदाय के हैं। इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बाकी आरोपियों को पता लगाया जा रहा है। बता दें कि जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर एक जुलूस के दौरान पथराव के बाद हिंसा फैल गई थी। इस दौरान पथराव और गोलीबारी में कम से कम आठ पुलिसकर्मी और स्थानीय निवासी घायल हो गए थे। इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद अंसार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत भी जांच हो रही है।

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